आइये देखते है आपके रसोई मे सर्दी, खांसी और जुखाम के लिए क्या क्या औषधी है !!

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सर्दी, खांसी और जुखाम ये एक ही परिवार के रोग है और इनके औषोधी (Medicine) भी लगभग एक है : आइये देखते है आपके रसोई मे सर्दी, खांसी और जुखाम के लिए क्या क्या औषधी है !! यह तिन रोगोंके सबसे अछि औषोधी है अदरक या सोंठ, अदरक को ही दुसरे नाम मे सोंठ कहते है, जब अदरक सुख जाती है तो सोंठ बन जाती है ! दूसरी सबसे अछि औषोधी हल्दी है, तीसरी सबसे अछि औषोधी सर्दी-खासी और जुखाम के चूना है, चौथी सबसे अछि औषोधी दालचीनी है, पांचवी सबसे अछि औषोधी किसमिस है. इसके साथ कुछ सहयोगी (Complementary) औषोधी है जो मुख्य (Main) औषोधी के साथ मिश्रित करके उपयोग किया जाता है वो है “काली मिर्च, तुलसी का पत्ता, सेहद” |

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इन औषोधीयों को लेने का तरीका :

१. अदरक का रस निकाल लीजिये उसको हल्का गरम करके थोड़ा सेहद मिलाके सुबह खली पेट, दोपहर और शाम को एक चम्मच करके पि लीजिये !

२. अदरक के रस के साथ तुलसी का रस मिला लीजिये और हल्का गरम करके सेहद या गुड़ मिलाके सुबह खली पेट, दोपहर और शाम को एक चम्मच करके ले लीजिये !

३. एक ग्लास देशी गाय के दूध मे चौथाई चम्मच हल्दी मिलाके उसको कुछ देर उबालके रात को सोते समय लेना है, अगर दूध उपलब्ध नही है तो पानी मे भी ले सकते है ! अगर आपको काछी हल्दी मिलजाए तो और भी अच्छा है, छोटे टुकड़े करके दूध मे उबाल सकते है !

i) यह हल्दी टोन्सीलाईटिस (Tonsillitis) के भी सबसे अछि औषोधी है ! राजीव भाई के अनुसार बच्चो के टोन्सीलाईटिस का ऑपरेशन नही करना चाहिए – टोन्सीलाईटिस अगर Chronic है माने पुराना है तो हल्दी को सीधा इस्तेमाल करना है, चम्मच मे आधा हल्दी भरके उसको मुह के अन्दर ले जा के हल्दी डाल देना है फिर लार के साथ मिलके हल्दी अन्दर जाएगी, इस समय पानी नही देना है एक घंटे तक | हफ्ते मे अगर आप तिन दिन यह कर लिया, तो चौथे दिन बच्चे के टोन्सीलाईटिस ठीक हो जाएगी ! और टोन्सीलाईटिस अगर एक्यूट (Acute) है माने हाल फ़िलहाल मे हुआ है तो आप दूध मे या पानी मे हल्दी मिलाके लीजिये |

ii) (Throat Infection) गले की खराश, या गले मे किसी भी प्रकार का इन्फेक्शन हो, गला बैठ गया है, पानी पिने मे भी तकलीफ हो रही है, लार निकलने मे भी तकलीफ हो रही है, आवाज भरी हो गयी है .. इन सबके लिए एक ग्लास देशी गाय का दूध, एक चम्मच देशी गाय का घी और चौथाई चम्मच हल्दी को मिलाके कुछ देर उबालना है फिर उसको सिप सिप करके चाय की तरह पीना है शाम को एकबार |

४.गेहूँ के दाने के बराबर चूना रोजा सुबह खाली पेट एक कप दही, डाल, गन्ने का रस या पानी मे मिलाके पिए!

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