अगर हार्ट अटैक से बचना है तो तुरंत बंद कर दे मलेशिया से इम्पोर्ट यह तेल

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भारत के तेल बाज़ार मे अब सबसे ज्यादा विदेशी तेल बिक रहा है । आप जानते है एक मलेशिया नाम का छोटा सा देश है, उस देश का एक तेल है जिसका नाम है पामोलिन तेल (Palm Oil). ये पामोलिन तेल सबसे जादा भारत के बाज़ार मे है वो भी लाखो टन । अब पामोलिन तेल का भाव भारत मे आके पड़ता है 20-22 रूपए लीटर (अब 45 रूपए लीटर) और भारत के किसान जो तेल उत्पन्न करके देता है वो है 40 रूपए लीटर (अब 85 रूपए लीटर) । अब भारत का किसान सरसों का तेल पैदा करे 40 रूपए लीटर (अब 85 रूपए लीटर), नारियेल का तेल पैदा करे 60 रुपये लीटर, तिलहन का तेल पैदा करे 90 रूपए लीटर पर पाम तेल का भाव मिलता है 20-22 रूपए लीटर तो सारे तेल बेचनेवाले उद्योगपति धड़ल्ले से लाखों लाखों टन पाम तेल इम्पोर्ट कर रहें है और उस पामोलिन तेल को मिलावट करके आपको बेच रहें है । आप बाज़ार से डिब्बा बंध जितना भी तेल लाके खातें है वो सब पाम तेल है ।

आपको सुनकर हैरानी होगी के 4-5 साल पहले हमारे देश मे ऐसा कानून था के पाम तेल किसी भी दुसरे तेल मे मिलके नहीं बेचा जा सकता GATT करार और WTO के दबाव मे अब कानून ऐसा है के palm तेल किसी भी तेल मे मिलाके बेचा जा सकता है । रिफाइंड और Doubled रिफाइंड तेल के नाम से बाज़ार मे जितना भी तेल मिल रहा है वो सब पाम तेल है ।

इस पाम तेल के दो दुष्परिणाम है –

1. जो जो किसान सरसों, नारियेल, तिल पैदा कटे थे उनको नुकसान क्योंकि उनको अपने तेल का भाव नहीं मिलता।
2. जो पाम तेल खएगा उसको हार्ट अटैक जरुर होगा, क्योंकि पाम तेल मे सबसे जादा ट्रान्स फैट्स है और ट्रान्स फैट्स कभी भी शरीर मे विघटित नहीं होते, किसी भी तापमान पर विघटित नहीं होते और फैट्स जमते जमते जरुरत से जादा हो जाता है तो हृदयघात आता है और आदमी मर जाता है, ब्रेन हेमारेज होता है और आदमी को पक्षाघात होता है, हाइपर टेनशॉन आता है, बिपि होता है । तेल का बाज़ार अब पूरी तरह से विदेशियों के कब्ज़े मे चला गया है।

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