आखिर कौन है ये SK Garg. इसका बाबा रामदेव और राजीव दीक्षित से क्या संबंध है

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मित्रो S.K Garg पतंजलि योगपीठ के ट्रस्टी है ,पतंजलि योगपीठ मे इन्होने कई करोड़ रूपये लगा रखे है ,और ये आस्था चैनल के डाइरेक्टर भी है इनकी एक निजी कंपनी भी है जिसका नाम है Eldeco housing & industries ltd ये Eldeco कंपनी करोड़ो रूपये के फ्लैट बनाकर बेचती है ,SK garg की ये कंपनी Share Market मे भी रेजिस्टर है । अब आते है मूल विषय पर । भारत के स्वाभिमान को जागृत करने और 2014 मे एक नया राजनीतिक विकल्प देने के लिए राजीव भाई ने बाबा रामदेव के साथ मिलकर भारत स्वाभिमान ट्रस्ट की स्थापना की, बाबा के मंच पर राजीव भाई के राष्ट्रप्रेम के आग उगलते व्याख्यानों का दौर शुरू हुआ ,जिसने पूरे देश मे हरकंप मचा दिया , और परिणाम ये है हुआ मात्र डेढ़ वर्ष के भीतर 3 लाख लोग 1100 रु प्रति व्यक्ति आजीवन सदस्यता फीस देकर भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के साथ जुड़ गये ।

इनके अतिरिक्त अन्य लोगो ने भी राजीव भाई से प्रभावित होकर राष्ट्रहित के लिए बहुत धन दिया ,राजीव भाई की वाणी का तेज इतने लोगो को भारत स्वाभिमान ट्रस्ट का खींच लाया कि एक अनुमान के अनुसार उन दिनो भारत स्वाभिमान ट्रस्ट के पास 110 करोड़ की राशि एकत्रित हो गई और लाखो सदस्य हो गये । राजीव भाई के औडियो -विडियो करवाने बाद शायद बाबा के लिए राजीव भाई की कोई उपयोगिता नहीं बची । राजीव भाई ने जब 110 करोड़ रु राष्ट्रहित मे खर्च करने का बाबा पर दबाव बनाया तो उस पैसे का कोई हिसाब नहीं दिया गया ।

आज भी ये प्रश्न ऐसे ही बना ,कि आखिर भारत स्वाभिमान ट्रस्ट ने राजीव भाई को मंच पर लाकर उनके व्याख्यान करवा कर जो 110 करोड़ रु एकत्रित किए वो कहाँ गये ?? और जैसा की आप जानते है उसके बाद राजीव भाई की मृत्यु (?) 30 नवंबर 2010 को हो गई । आश्चर्य कि बात ये है उसके अगले ही वर्ष पतंजलि योगपीठ के ट्रस्टी SK garg की कंपनी को इंग्लैंड की संसद मे सम्मानित किया जाता है । इसमे और भी ज्यादा आश्चर्य की बात ये है इस SK garg की इस कंपनी को इससे पूर्व कभी भी विदेश मे सम्मानित नहीं किया गया। सबूत के तौर पर इनकी कंपनी की एनुअल रिपोर्ट में पेज न. 7 पर देख सकते हो जो पोस्ट के अंत में दी गई है राजीव भाई के पास उन सब लूट के दस्तावेज थे जो अंग्रेजो ने 350 वर्ष भारत में की थी वो सब दस्तावेज अंग्रेजी सरकार के ही पार्लियामेंट के रिकॉर्ड थे. राजीव भाई 2014 के बाद सरकार की तरफ से उनको लेकर इंटरनेशनल कोर्ट ऑफ़ जस्टिस में जाने वाले थे. जिससे ब्रिटिश सरकार को या तो वो सब लूटा हुआ सोना चांदी वापिस देना पढता या उनको उनकी पार्लियामेंट के रिकार्ड्स को झूठा साबित करना पड़ता. जो वो कर नहीं सकते थे. अगर ब्रिटिश सरकार को वो सब लूट का सामान वापिस देना पढ़ जाता तो इंग्लैंड भिखारी हो जाता ओर बहुत बड़े कर्जे में डूब जाता क्योकि उन्होंने जितना हमारे यहाँ से लूटा था उसकी इस वक़्त वैल्यू बहुत ज्यादा है अकेला लार्ड कलाइव 350 पानी के जहाज सोने के भरकर लेकर गया था. इसके जैसे ही बहुत से अंग्रेज भारत आए ओर भारत को लूटकर ले गए थे

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