सर्दी हो या गर्मी दोनों मौसम में ये फल आपकी रोगों से रक्षा करेगा

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बेल वास्तव में एक जड़ी-बूटी है जो हमारे स्वास्थ्य के लिए अत्यंत उपयोगी है।बेल पत्थर धार्मिक रूप से ही नही बल्कि रोगों से लड़ने में भी महतवपूर्ण है  इसका हरेक अंश मानव-शरीर के लिए फायदेमंद होता है, चाहें वह इसका फल हों या फिर पत्तियां, तना, शाखाएं व जड़. बेल के फल में टैनिन, कैल्शियम, फॉस्फोरस, फाइबर, प्रोटीन, लोहा आदि जैसे उपयोगी खनिज निहित हैं। इसके अलावा इसमें विटामिन बी और सी की भी अच्छी मात्रा पाई जाती है

बेल के फायदे लाएं पाचन प्रक्रिया में सुधार

बेल ना केवल पाचन प्रक्रिया में सुधार लाता है परंतु आंत में विकसित हानिकारक कीड़ों का भी नाश करता है और पाचन-सम्बंधित विकारों को शरीर से कोसों दूर रखता है। बेल के पेड़ की शाखाएं व तने में फेरोनिया गम  नामक पाएँ जाने वाला तत्व बहुत ही व्यापक रूप से डायरिया और डिसेंट्री के उपचार में इस्तेमाल किया जाता है। बेल का इस्तेमाल बवासीर के इलाज में भी किया जाता है। यह एक रेचक के रूप में कार्य कर कब्ज़ पर भी रोक लगाता है। इसके अतिरिक्त, बेल के कवकरोधी एवं परजीवी-विरोधी गुण, इसे पाचन प्रणाली के स्वास्थ के लिए एक उत्तम आहार बनाता है।

बेल फल के फायदे करें रक्त को साफ

स्वच्छ रक्त स्वस्थ जीवन जीने के लिए अनिवार्य होता है। तो यदि आप अपने शरीर को रक्त में उपस्थित हानिकारक एवं विषाक्त पदार्थों से पहुँचाने वाली क्षति से बचाना चाहते हैं तो 50 ग्राम बेल के जूस में गर्म पानी एवं शक्कर की मिठास मिलाकर पी लें।

यह स्कर्वी के उपचार के लिए भी लाभदायक है। स्कर्वी एक प्रकार का रक्त-रोग है जो जानलेवा भी साबित हो सकता है। यह शरीर में विटामिन सी की कमी की वजह से होता है और क्योंकि बेल विटामिन सी का एक प्रचुर स्रोत है।

बेल का पेड़ है कान दर्द में उपयोगी

बेल के पेड़ की जड़ कानों के विकार के लिए बहुत ही उपयोगी होती है और उनमें हो रहे दर्द से राहत दिलाती है

बेलपत्र के उपाय हैं मधुमेह के रोगी के लिए फायदेमंद

बेल के पेड़ में उपस्थित फेरोनिया गम इसे मधुमेह के रोगी के लिए उपयोगी बनाता है। यह तत्व मधुमेह के विपरीत कार्य करता है और शुगर के स्तर और इन्सुलिन के उत्पादन को नियंत्रित करता है। यह शुगर के स्तर में आने वाले मुख्य उतार-चढ़ाव को रोकता है जो जानलेवा भी साबित हो सकता है

बेल के पत्ते का उपयोग बचाएं सर्दी व् गर्मी दोनों से 

बेल की पत्तियां सर्दी के लिए बहुत ही उपयोगी होती है चाहें वो आम सर्दी हो या फिर पुरानी सर्दी  यह श्वसन प्रणाली से बलगम को बाहर निकाल फेंकता है और सुचारू रूप से सांस लेने में सहयाता करता है। यह गल-शोथ  का भी एक सफल उपचार है इसी के साथ यह गर्मी में पीने से शरीर में ठंडक पैदा करता है और लू से बचाता है

बेलपत्र के फायदे बढ़ाएं ऊर्जा स्तर

बेल के 100 ग्राम गूदे में 150 कैलोरीज होती है और साथ ही में अनेक पोषक तत्व भी होते हैं जो शरीर की गतिविधियों में सुधर लाती है और उपापचयी (मेटाबॉलिक) क्रियाओं में सुधार ला आपको फुर्तीला महसूस कराती है। यह प्रोटीन का भी एक प्रचुर श्रोत है जो माशपेशियों के विकास को बढ़ावा देता है और घावों को जल्दी भरने में करता है

बेल फल के लाभ हैं गुर्दों के लिए स्वास्थ्यवर्धक

बेल किडनी से सम्बंधित विकारों के लिए सर्वोत्तम माना जाता है। यह शरीर से विषाक्त प्रदार्थों की निकासी कर किडनी के कार्य को उत्तेजित करता है और उससे सम्बंधित विकारों से छुटकारा दिलाता है।

बेल के जूस के फायदे लाएं लीवर के स्वास्थ्य में सुधार

बेल बीटा-कैरोटीन का एक अच्छा श्रोत होता है और इसमें थिअमिने और राइबोफ्लेविन भी अच्छी मात्रा में पाया जाता है। यह तीनों तत्व लिवर के स्वास्थय के लिए अति महत्वपूर्ण होते हैं

बेल के गुण करें मलेरिया से बचाव

बेल के पेड़ की शाखाएं एवं तना टनीन नामक एक तत्व से प्रचुर होता है जिसका काढ़ा पीने से मलेरिया से बचावकिया जा सकता है। इसके अलावा आयुर्वेद में बेल का हरेक अंश सांप के डांक का इलाज करने में इस्तेमाल किया जाता है।

बैल के सेवन करने के तरीके इस प्रकार हैं

आप पका हुआ बेल फल साबुत भी खा सकते हैं या फिर उसका रस भी पी सकते हैं।

कच्चा बेल खट्टा होता है तो आप इसकी चटनी बना कर खा सकते है।

इसकी पत्तियों का सेवन आप सलाद के रूप में कर सकते है।

सावधानियां

अति कर तरह से बुरी होती है इसलिए इसका सेवन अधिक न करें उचित मात्रा में ही इस्लेमाल करें

यदि आपके शरीर को बैल से अलर्जी है तो इसे न लें

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