बादाम से ज्यादा असरदार है चना, रोज खाएंगे तो मिलेंगे ये 10 फायदे

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बादाम की तुलना में चना कम कीमत में ज्यादा फायदे देता है। इसलिए इसे गरीबों का बादाम भी कहा जाता है। वेजिटेरियंस के लिए चना प्रोटीन का अच्छा सोर्स है। प्रोटीन के अलावा भी इसमें पोटैशियम,मैग्नीशियम और फॉलेट जैसे न्यूट्रिएंट्स होते हैं जो हार्ट प्रॉब्लम और BP कंट्रोल करने में फायदेमंद है।

चना शरीर में ताकत लाने वाला और भोजन में रुचि पैदा करने वाला होता है। सूखे भुने हुए चने बहुत रूक्ष और वात तथा कुष्ठ को नष्ट करने वाले होते हैं। उबले हुए चने कोमल, रुचिकारक, पित्त, शुक्रनाशक, शीतल, कषैले, वातकारक, ग्राही, हल्के, कफ तथा पित्त नाशक होते हैं।

चना शरीर को चुस्त-दुरुस्त करता है। खून में जोश पैदा करता है। यकृत (जिगर) और प्लीहा के लिए लाभकारी होता है। तबियत को नर्म करता है। खून को साफ करता है। धातु को बढ़ाता है। आवाज को साफ करता है। रक्त सम्बन्धी बीमारियों और वादी में लाभदायक होता है। इसके सेवन से पेशाब खुलकर आता है। इसको पानी में भिगोकर चबाने से शरीर में ताकत आती है। चना विशेषकर किशोरों, जवानों तथा शारीरिक मेहनत करने वालों के लिए पौष्टिक नाश्ता होता है।

इसके लिए 25 ग्राम देशी काले चने लेकर अच्छी तरह से साफ कर लें। मोटे पुष्ट चने को लेकर साफ-सुथरे, कीडे़ या डंक लगे व टूटे चने निकालकर फेंक देते हैं। शाम के समय इन चनों को लगभग 125 ग्राम पानी में भिगोकर रख देते हैं। सुबह के समय शौचादि से निवृत्त होकर एवं व्यायाम के बाद चने को अच्छी तरह से चबाकर खाएं और ऊपर से चने का पानी वैसे ही अथवा उसमें 1-2 चम्मच शहद मिलाकर पी जाएं।

देखने में यह प्रयोग एकदम साधारण लगता है किन्तु यह शरीर को बहुत ही स्फूर्तिवान और शक्तिशाली बनाता है। चने की मात्रा धीरे-धीरे 25 से 50 ग्राम तक बढ़ाई जा सकती है। भीगे हुए चने खाने के बाद दूध पीने से वीर्य पुष्ट होता है। व्यायाम के बाद रात के भीगे हुए चने, चने का पानी के साथ पीने से स्वास्थय अच्छा बना रहता है। जिसकी पाचक शक्ति (भोजन पचाने की शक्ति) कमजोर हो, या चना खाने से पेट में अफारा (गैस) होता है तो उन्हें चने का सेवन नहीं करना चाहिए।

हम आपको बता रहे हैं चना खाने के 9 फायदे

कमजोरी दूर करता है – चने में पाए जाने वाले आयरनप्रोटीन सहित ढेर सारे मिनिरल से बॉडी को एनर्जी और एंटीओक्सिडेंट मिलते है. इससे कमजोरी दूर होती है

हार्ट डिजीज से बचाता है – चने में पाए जाने वाले अल्फा लिनोलेनिक एसिड और ओमेगा 3 फैटी एसिड कोलेस्ट्रोल कम करते हैं और हार्टअटैक से बचाते हैं

अच्छी नींद लाता है – चने में पाए जाने वाले अमोनिया एसिडस ट्रायपटोफेन और सेरोटोनिन अच्छी नींद लाने में मदद करते हैं

एनिमिया में फायदा करता है – चने में काफी मात्रा में आयरन पाया जाता है जिससे एनीमिया जैसी प्रॉब्लम में फायदा होता है

बोनस मजबूत करता है – चने में दूध और दही के समान कैल्शियम पाया जाता है जिससे हड्डियां मजबूत बनती है

किडनी की सफाई करता है – चने में भरपूर मात्रा में फास्फोरस पाया जाता है जो कि हिमोग्लोबिन का लेवल बढ़ाता है और किडनी से एक्स्ट्रा सोल्ट बाहर निकलता है

टेंशन और स्ट्रेस दूर करता है – चने में अमीनो एसिड्स ट्रायपटोफेन और सेरोटोनिन पाए जाते हैं जो टेंशन और स्ट्रेस दूर करते हैं

डायबिटीज कंट्रोल करता है – चना ग्लायसेमिक इंडेक्स में काफी नीचे है इसमें पाए जाने वाले फाइबर और प्रोटीन से ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करते हैं

पीलिया में फायदा करता है – चने में मौजूद मिनरल और आयरन पीलिया की बीमारी में काफी फायदा करते हैं

स्किन डिजीज इस में फायदा करता है – चने में फॉस्फोरस और मैगनीज ऐसे मिनरल होते हैं जो रिंगवार्म और खुजली जैसी स्किन डिजीज इस में पैदा करते हैं.

हानिकारक प्रभाव (Harmful effects)

इसका अधिक मात्रा में सेवन मसाने के लिए हानिकारक हो सकता है।