दिवाली के बाद होती है सांस लेने में तकलीफ जानिये कैसे इस तकलीफ से बचा जाए

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दिवाली के बाद कई तरह की बीमारियां लोगों को परेशान करती हैं. इस मौसम में सांस लेने में तकलीफ आम बीमारी है. न सिर्फ वो लोग जिन्हें अस्थमा, बोंक्राइटिस और हाइपरटेंशन जैसी बीमारियां हैं बल्कि उन्हें भी दिवाली के बाद सांस लेने में तकलीफ होती है, जिन्हें इस तरह की कोई बीमारी नहीं होती है. दिवाली के त्योहार के दौरान सांस की तकलीफ बढ़ने के कई मामले सामने आते हैं.

दिवाली का त्योहार ठंडे मौसम में मनाया जाता है. इस मौसम में बारीक धूल और धुएं के कण सस्पेंडेड पार्टिकल्स भी कहते हैं वातावरण में मौजूद रहते हैं. इसके अलावा ठंड के कारण चेस्ट और लंग्स की नसें सिकुड़ जाती हैं और अस्थमा, ब्रोंकाइटिस, ब्रीदलेसनेस जैसी प्रॉब्लम हो सकती हैं.

दिवाली के त्योहार के पहले होने वाली साफ-सफाई, पुताई और दिवाली में फोड़े जाने वाले पटाखों के कारण भी वातावरण में सल्फर डायऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड जैसे केमिकल हवा में मौजूद होते हैं, इनसे बचाव बहुत जरूरी है.

दिवाली के मौसम में सांस की तकलीफ से कैसे करें बचाव : अलर्ट रहें, पेंट, वार्निश, धूल, साफ-सफाई से खुद को दूर रखें. जिस चीज से एलर्जी होने की संभावना हो उससे बचें. अस्पताल की जानकारी रखें, अपने आसपास के अस्पतालों और डॉक्टर की जानकारी रखें. कहां पर कौन सी एमरजेंसी सर्विस उपलब्ध है.

डॉक्टर से सलाह लें: अपने फैमिली डॉक्टर से अपनी बीमारी और दवाओं के अलावा प्रिकॉशन्स के संबंध में पहले से सलाह ले लें.

नाक और गला साफ रखें: थोड़ी-थोड़ी देर में नाक-मुंह और गला साफ करते रहें. इससे धूल-धुएं और सफोकेशन से राहत मिलेगी.

बाहर निकलने से बचें: कोशिश करें कि शाम के समय बाहर न निकलें. घर के खिड़की-दरवाजे बंद करके अंदर ही रहें.

ट्रैवल में नाक-मुंह ढांककर रखें: नाक और मुंह को हल्के गीले कपड़े या मास्क से ढांककर रखें. धूल और धुएं के पार्टिकल्स से बचाव होगा.

ठंडी चीजें अवॉइड करें : ठंडा पानी, आइसक्रीम, ठंडे फूड वगैरह अवॉइड करें. इनके कारण सांस की प्रॉब्लम और बढ़ सकती है.

हेल्दी फूड लें : गर्म दूध, चाय-कॉफी, गुनगुना पानी, अदरक-तुलसी की चाय और गर्म फूड से राहत मिलेगी.

संकेत इग्नोर न करें : सांस फूलना, इरिटेशन, सीने में दर्द जैसे सिम्प्टम्स इग्नोर न करें. इलाज में जरा सी देर भी जानलेवा हो सकती है.