40 साल पुराने जोड़ो के दर्द को 7 दिन में ठीक करेगा ये चमत्कारी पौधा

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शरीर के कई गंभीर रोगों में पारिजात के पेड़ के पत्ते काम आते है. पारिजात के पेड़ के पत्ते एक बहुत अच्छी औषधि है. राजीव जी ने इसी औषधि के बारे में ज्यादा बताते हुए कहा कि जिनको घुटने का त्रास है, कमर दुखती है, वात की तकलीफ बहुत ज्यादा है, उनके लिए पारिजात के पेड़ के पत्ते काम की औषधि हैं. कई बार ऐसी स्थिति होती है कि वात की तकलीफ में मनुष्य को शरीर हिलाना भी मुश्किल हो जाता है, वो जिस स्थिति में लेटा है उसी स्थिति में रहता है, करवट बदलने पर दर्द होता है, ऐसी स्थिति जब हो जाये तब एक औषधि काम आती है और वो है पारिजात के पेड़ के पत्ते. चालीस साल पुरानी आर्थराइटिस जैसी बिमारिओ को भी ठीक कर सकते है. पारिजात का फूल सफेद होता है और डंडी नारंगी होती है. साल में दो या तिन महीने ही फुल आता है.

इस पेड़ के पत्ते लेने है फुल नहीं

राजीव जी ने जिनको भी आर्थराइटिस की बहुत पुरानी बीमारी है उनको एक इलाज बताया. उन्होंने कहा कि पारिजात के 5-7 पत्ते तोड़कर उसकी चटनी बनाके एक ग्लास पानी में डाल दीजिये. वह पानी आधा न हो जाये वहाँ तक उसको उबालिए. अब इस पानी को रख दीजिये. पानी बिलकूल ठंडा हो जाये तब छान के पी लीजिये. इसको पीना है तो सुबह में खाली पेट पीना है. पानी रात को बनाकर इसको ठंडा होने दीजिये और सुबह को पी लीजिये. अगर आपने 4-5 दिन भी पी लिया तो आपका 40 साल पुराना आर्थराइटिस भी 7 दीन में ठीक हो जायेगा. इसलिए सबको मेरी विनती है कि पारिजात का पेड़ अपने घर में ज़रूर लगाये. किसी भी तरह के आर्थराइटिस रोग के मरीज़ के लिए पारिजात का पेड़ बहुत ही अच्छा है. अगर आर्थराइटिस रोग की शुरुआत ही हुई है तो 2 या 3 दिन ही लेना चाहिए लेकिन अगर ज्यादा पुराना आर्थराइटिस है तो 15-20 दिन तक भी ले सकते है.

पारिजात मराठी में कहा जाता है. इसका हिंदी नाम हारसिंगार है. और संस्कृत में पारिजतक कहते है पारिजात का फूल सफेद होता है और डंडी नारंगी होती है. इसलिए मेरी विनती है की घर में थोड़ी भी जगह है तो एक पारिजात का पेड़ लगा के रखिये, बहुत काम आयेगा. आपके नही तो आपके पड़ोसी के काम आएगा. आज कल लोगो में संधिवाद का रोग बहुत होता है. और चिकनगुनिया में भी पारिजात के पेड़ के पत्ते का रस पियेंगे तो तीन दिन में ठीक हो जायेगा. डॉक्टर के पास जायेंगे तो शायद 6 महीने में भ ठीक न हो.

उन्होंने आगे और फायदे बताते हुए कहा कि मूत्र से जुडी हुई जितनी भी शिकायतें है बूढ़े लोगो को जैसे कि मूत्र में रूकावट आना, बूंद बूंद करके मूत्र आना, मूत्र आते समय जलन होना जैसी तकलीफे पारिजात के पत्ते के रस से ठीक हो जाती है. पारिजात के पत्ते तोड़कर उसकी चटनी बनाके एक ग्लास पानी में डाल दीजिये. वह पानी आधा न हो जाये वहाँ तक उसको उबालिए. अब इस पानी को रख दीजिये. पानी बिलकूल ठंडा हो जाये तब छान के पी लीजिये. पत्ते को चबाके खायेंगे तो असर होते ज्यादा दिन लगेंगे. इसलिए पत्ते को पिस कर चटनी बनाके पानी के साथ लेंगे तो असर जल्दी आयेगा.

इस विडियो में देखिए इस पेड़ का कमाल >>

Note : इस बात का ध्यान रखिये कि इस पेड़ के पत्ते लेने है फुल नहीं, फूलो के बारे में सिर्फ पहचान के लिए बता गया है, और लगातार ना ले, एक महिना लेकर कुछ दिन का गैप दे फिर एक महिना ले.