मॉरिशस रुट और सेज (SEZ) को दी जा रही कर राहतो की समाप्ति के लिए प्रस्तावित कानूनी ड्राफ्ट

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प्रिय नागरिक, यदि आप एक भारतीय हो और आपकी भारत में कंपनी है, तो आपको वैसी ही विदेशी कंपनियों की तुलना में 30% अधिक टैक्स देना पड़ता है | इस टैक्स के कारण स्वदेशी कंपनियों का माल महंगा हो जाता है विदेशी कंपनियों की तुलना में और स्वदेशी कम्पनियाँ बंद हो रही हैं | इसके अलावा, हमें टैक्स जो प्राप्त हो सकता था, वो भी प्राप्त नहीं होता | विदेशी कम्पनियाँ इस रूट का प्रयोग टैक्स बचने के लिए ही करती हैं और स्वदेशी कंपनियों को समाप्त करने के लिए ये कानून बने हुए हैं |

समाधान –
(1) विशेष आर्थिक जोन (SEZ) को दिए जाने वाले सभी लाभ को रोका जाये |
(2) भारत में काम कर रही सभी कंपनियों को भारत सरकार को समान कर देना होगा |
(3) सभी भारतीय कम्पनियाँ, जो भारत के बाहर काम कर रही हैं, उन्हें देश के बाहर टैक्स देना होगा | यदि वो भारत के बाहर दिया गया टैक्स उससे ज्यादा है, जितना भारतीय कंपनियों को भारत में देना होगा, तो फिर उन भारतीय कंपनियों को कोई भी टैक्स नहीं देना होगा | यदि ऐसा नहीं है, तो टैक्स का अंतर भारत के सरकार को देना होगा |

अगर आप मौरिशियस रूट बंद करवाकर सभी कम्पिनियाँ, भारतीय और विदेशी, को समान टैक्स लगे, ऐसा चाहते है तो अपने सांसद को एस.एम.एस. द्वारा आदेश भेजे कि इस क़ानून को गैजेट में प्रकाशित किया जाए।
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माननीय सांसद,
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अगर आपको एस.एम.एस. के द्वारा ये यू.आर.एल मिला है तो इसे वोटर का आदेश माना जाये जिसने यह मैसेज भेजा है, न कि जिसने ये लेख लिखा है।
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=============ड्राफ्ट का प्रारम्भ==========
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आयकर अधिनियम 1961 में निम्न धारा को जोड़ें जो भाग 90AA कहलाएगी –

“भारत में कार्यशील कोई भी कम्पनियाँ, चाहे वो भारत में हो, चाहे विशेष आर्थिक जोन (सेज) में हो या विशेष आर्थिक जोन के बहार हो, चाहे वे मौरिशियस या सिंगापोर या कोई अन्य देश में हो, उन सभी को एक ही दर से टैक्स (कर) लगेगा | दूसरे शब्दों में, सभी तरह के आयों पर, जैसे अल्पकालीन / दीर्घकालीन के पूंजी लाभ, अन्य लाभ आदि पर टैक्स के दर एक सामान्य भारतीय कंपनी जितनी ही होंगी | आयकर अधिनियम में सभी भाग जो इस भाग से विरुद्ध होंगे, वो अमान्य और हटाये गए माने जायेंगे |”

[अभी, कोई भी 90AA भाग नहीं है | उपरोक्त धारा से आयकर अधिनियम में वो भाग जुड़ जायेगा | मंत्रिमंडल इस धारा को अध्यादेश द्वारा सीधे पारित कर सकता है और जब ये मंत्रिमंडल द्वारा पारित हो जाएगा, तो उसको 6 महीनों में सांसद में पारित करना होगा]
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==============ड्राफ्ट की समाप्ति==============

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