जिस बीमारी में एम्स के डॉक्टर के भी पसीने छुट जाए, ये उसे 2 महीने में ठीक कर देगा

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मिटटी के अन्दर कैल्शियम, आयरन, सिलिकॉन, बोरोन, मेंग्निज, मैग्नीशियम जैसे 18 सूक्ष्म पोषक तत्व पाए जाते हैं ये 18 सूक्ष्म तत्व अगर मिटटी के बाद एक साथ किसी चीज में हैं तो वो है गौमूत्र में इसी लिए गौ मूत्र बहुत चमत्कारी औषधि भी मानी गयी है

लखनऊ शहर में एक बहुत बड़ी प्रयोगशाला है जिसका नाम है CDRI (सेंट्रल ड्रग रिसर्च इंस्टिट्यूट) यह प्रयोगशाला भारत में दवाओं और ओषधियों पर काम करने वाली सबसे बड़ी प्रयोगशाला है वहां के वैज्ञानिको को अलग अलग डिब्बे में अलग अलग नस्ल की गाय का मूत्र दिया जिसमे जर्सी, होलिस्टिरियन, सिजेरियन और भारत की देसी गाय का गोमूत्र दिया और कहा की बताएं इसमें कोन से घटक हैं तो उन्होंने 6-7 महीने तक उस मूत्र का विश्लेषण किया और पाया की जो 18 घटक मिटटी में पाए जातें है और जो रोगों को ख़त्म करने के लिए शरीर को चाहिए वो सभी घटक गाय के मूत्र में पाए जाते हैं

ये सभी घटक जो रोगों से लड़ने के लिए आवश्यक हैं ये सभी घटक सिर्फ भारत की देसी   और अन्य गाय के मूत्र में ये गुण नही पाए गए. यदि आपके शरीर में त्वचा का कोई भी रोग हो जाये तो समझ लेना की आपके शरीर में से एक घटक सल्फर कम हो गया है घटक कम होने से ही शरीर में रोग होते है फिर इसका टेस्ट त्वचा से पीड़ित कुछ रोगियों पे किया गया कुछ ने तो इसका सेवन किया लेकिन कुछ मना कर गये जिन लोगों ने इसका सेवन किया 3 महीने में ही उनकी त्वचा का रंग बदल गया और इसके साथ साथ त्वचा से अलग और रोग जैसे कि सोराइसीस जो कभी ठीक नही होता वो भी ठीक हो गया और एक्सिमा तो बहुत ही आसानी से ठीक हुवा खुजली खाज दाद सब तरह के रोग ठीक हो गये

फिर इसका एक्सपेरिमेंट घुटने दुखने वालों पे किया गया और देखा कि 15 दिन में ही असर दिखने लगा. फिर इसका प्रयोग कफ से पीड़ित रोग जैसे कि खांसी जुकाम वालों पे किया 20-25 साल पुराने कफ के रोग ठीक हो गये दमे(टी. बी.) के दो रोगियों पर एक्सपेरिमेंट किया गया एक को सर्कारिदावा यानि डॉट्स दिया गया और एक को गौमूत्र दिया गया आप् देखेंगे कि डॉट्स वाले रोगी को ठीक होने में 5-6 महीने लगेंगे और गौमूत्र पीने वाले रोगी को डेढ़ से दो महीने ही लगते हैं ठीक होने में और दुबारा कभी अस्थमा या टी.बी. नही होगा क्योंकि गौमूत्र सिर्फ रोग ही ठीक नही करता प्रतिरोधक क्षमता को भी इतना बढ़ा देता है कि वो रोग भविष्य में दोबारा न आए

फिर एक और एक्सपेरिमेंट टी.बी. के रोगियों पर दिल्ली एम्स में किया गया टी.बी. के रोगियों को शीशी में भरकर ये दे दिया गया और उनको ये नही बताया की ये गौमूत्र है नही तो वो इसे नही लेते और उन्हें कहा गया की ये बहुत अच्छा सिर्प है इसे ले लो जब उन्हें डॉट्स के साथ गौमूत्र पीने के लिए दिया गया तो देखा की डॉट्स के माइक्रोन्यूट्रीयंट्स की काम करने की शक्ति 20 गुना बढ़ गयी और जो रोगी 6 महीने में ठीक होने वाले थे वो सिर्फ 2 महीने में ही ठीक हो गये

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