व्रत या उपवास क्यों करना चाहिए? उपवास के दौरान न करें ये गलतियां !

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हिंदू धर्म में व्रत व उपवास का बहुत अधिक महत्व माना गया है। हिंदुओं में हर दिन कोई न कोई उपवास जरूर होता है और सभी धर्मों के लोग व्रत को अपने तरीके से रखते हैं। व्रत का सामान्य अर्थ है संकल्प या दृढ़ निश्चय । वहीं इसका आध्यात्मिक अर्थ है ईश्वर के समीप बैठना। वास्तव में व्रत का संबंध हमारे शारीरिक और मानसिक शुद्धिकरण से होता है। उपवास में भोजन का त्याग कर खाली पेट रहना पड़ता है, लेकिन आजकल के दौर में तो लोग उपवास के नाम पर बहुत सारी चीजें खाने लगे हैं। जिससे उन्हें कई तरह कि बीमारियों से गुजरना पड़ता है।

वैसे तो व्रत स्वास्थ की सलामती के लिए रखा जाता है, लेकिन इन सभी चीजों के कारण हमारे शरीर को नुकसान भी पहुंच सकता है। इसलिए व्रत में केवल फलाहार का ही सेवन करना चाहिए जिससे हमारा शरीर स्वस्थ रहे। व्रत रखने से पांचन तंत्र को आराम मिलता है और शरीर में जमा विषैले पदार्थ बाहर निकल जाते हैँ, जिससे हमारा पांचन तंत्र ठीक रहता है।

उपवास रखने से शांत और स्थिर रहने का अवसर भी मिलता है जिसके कारण मानसिक तनाव भी नहीं रहता। मोटापे को कम करने में भी व्रत व उपवास एक अलग ही भूमिका निभाता है। साथ ही, धर्म लाभ मिलता है। व्रत रखने से शरीर तो स्वस्थ रहता ही है साथ ही पेट से संबंधित बीमारियों की रोकथाम हो जाती है।

इससे कब्ज, गैस, एसिडीटी, अजीर्ण, अरूचि, सिरदर्द, बुखार, मोटापा जैसे कई रोगों का नाश हो जाता है। व्रत करने से आध्यत्मिक शक्ति तो बढ़ती ही है।साथ ही, ज्ञान, विचार, पवित्रता बुद्धि का विकास होता है। इसी कारण उपवास व्रत को पूजा पद्धति में भी शामिल किया गया है।

व्रत रखने का एक लाभ यह भी अगर मौसम परिवर्तन की अवस्था में उपवास रखने पर ऋतु संक्रमण काल की बीमारियां पास नहीं आती। जिससे हमें मौसमी बीमारियों का खतरा नहीं होता। इसके अलावा मनुष्य में भूखे रहने व भूख सहने की इच्छा शक्ति का विकास होता है। उपवास रखने से खाने से नियंत्रण होने के कारण किसी भी बीमारी का खतरा नहीं होता जिसके कारण हमारा शरीर स्वस्थ रहता है।

उपवास अगर सही नियम और तरीके से किए जाएं तो सेहत के लिए काफी फायदेमंद हो सकते हैं।  एम्स नई दिल्ली की असिस्टेंट डाइटीशियन रेखा पाल शाह का कहना है कि कई लोग उपवास के नाम पर ऑयली, मीठा, फ्रूट्स, मेवे वगैरह सामान्य दिनों की तुलना में ज्यादा खा लेते हैं, इससे उपवास का फायदा मिलने के बजाय नुकसान हो सकता है। रेखा बता रही हैं खान-पान से जुड़ी ऐसी कुछ गलतियां जो लोग उपवास के दौरान करते हैं और इससे सेहत को नुकसान पहुंच सकता है या फिर उपवास से मिलने वाला फायदा नहीं मिलता।

उपवास में क्या करें क्या न करें ?

1-  एनर्जी बनाए रखने के लिए प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट्स वाली डाइट लें। फैटी चीजें कम खाएं।

2-  उपवास में फ्रूट, दूध, जूस जैसे फूड लें जिनसे दिन भर में बॉडी को जरूरी कैलोरी मिलती रहे।

3-  सिर्फ चाय या नींबू पानी पीकर व्रत न रहें। सॉलिड फूड भी लेना बहुत जरूरी है।

4-  उपवास में सिंघाड़े या कुट्टू के आटे की पुड़ी या पराठा के बजाय रोटी बनाकर खाना ज्यादा हेल्दी है।

5-  खाली पेट रहने से एसिडिटी बढ़ सकती है। इसलिए ज्यादा देर तक पेट खाली न रखें।

6-  खाली पेट खट्टे फल खाने से जलन हो सकती है। नींबू, संतरा, मौसम्बी के बजाय तरबूज, खीरा, एप्पल खाएं।

7-  एक बार ढेर सारा फलाहार करने के बजाय थोड़ी थोड़ी देर में फ्रूट सलाद या दही जैसी चीज लेना फायदेमंद है।

8-  नारियल पानी दिन में कई बार ले सकते हैं। इससे बॉडी के जरूरी न्यूट्रिएंट्स और इलेक्ट्रोलाइट्स भी मिलेंगे।

9-  उपवास में ज्यादा से ज्यादा पानी पिएं। इससे बॉडी हाइड्रेट रहेगी और अंदरूनी सफाई भी होगी।

10-  उपवास के दौरान मूंगफली, बादाम, अखरोट जैसे ड्रायफ्रूट्स खाने से पेट भरा रहेगा और एनर्जी भी मिलेगी।

आगे जानिए उपवास के दौरान कौन सी गलतियां न करें …

1- पहली गलती

2- दूसरी गलती

3- तीसरी गलती

4- चौथी गलती

5- पांचवी गलती

6- छठी गलती

7- सातवीं गलती

8- आंठ्वी गलती

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