राजीव दीक्षित समर्थकों ने चुनाव से पहले राईट टू रिकॉल सिस्टम लागू किया और कानून लाने के लिए चुनाव लड़ रहे हैं – आप भी समर्थन करें – देखें recallbytweet.com/hindi

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आज, नेता यदि वादा करके पूरा नहीं करे तो जनता कुछ नहीं कर सकती | नेहा मोंगा जी और अन्य राजीव दीक्षित जी के समर्थकों ने चुनाव के पूर्व सिस्टम बनाया जिससे जनता जनदबाव बना कर अपने निकम्मे जनसेवक को बदल सकती है | जनता को पाँच साल निकम्मे नेता को झेलने की कोई आवश्यकता नहीं | और अपने घोषणा पत्र में ये कानून भी प्रस्ताव किया जो राजपत्र में छपने पर जनता अपने जनसेवक को कानूनी रूप से किसी भी दिन बदल सकेगी |

दिल्ली नगर निगम 2017 चुनाव में निर्दलीय उम्मीदवार नेहा मोंगा जी कहती हैं –

देश वादों तथा नारों से नहीं, अच्छे कानूनों से चलता है 
यदि यह प्रमाणित हो जाता है कि 66 रानी बाग़ वार्ड के 50 प्रतिशत से अधिक मतदाताओं ने ट्विट्टर, एस.एम.एस आदि द्वारा अपने वोटर नंबर के साथ, हमसे इस्तीफा देने की मांग की तो मैं अगले ही दिन इस्तीफा दे दूंगी | इसके लिए हमने चुनाव से पूर्व आप लोगों के लिए वेबसाईट बनायी है – recallbytweet.com/hindi जिस पर आप अपनी राय अपने वोटर नम्बर के साथ रख सकते हैं |

समर्थन के लिए @KamalMonga10 पर #NehaForRaniBagh ट्वीट करें या 9811494494 पर 0061 एस.एम.एस करें | ”

भूमिका – राईट टू रिकॉल-पार्षद से एक ऐसी प्रक्रिया का निर्माण होता है जिससे जनता अपने पार्षद को 5 साल इन्तेजार किये बिना बदल सकती है | आज, अधिकतर उम्मीदवार जीतने के बाद 5 साल के लिए गायब हो जाते हैं | अधिकतर जनसेवक नागरिकों की शिकायत, समस्याओं और सुझावों को सुनने के लिए कोई समय या सिस्टम नहीं देते |

राईट टू रिकॉल प्रक्रिया का मतलब उस क्षेत्र के नागरिक उस पद के अफसर को कभी भी बदल सकते हैं | इस प्रक्रिया को नागरिक स्वयं शुरू कर सकते हैं | इस प्रक्रिया के लागू होने से अच्छे पार्षदों को पद से हटाना अधिक कठिन हो जायेगा | नौकरी जाने के डर से 99% अफसर अपना कार्य सुधार देते हैं और जो अपना कार्य नहीं सुधारते, उन्हें जनता अच्छे लोगों से बदल सकती है | ध्यान दीजिए, ये प्रक्रिया अफसरों के व्यवहार को सुधार देती है | और अक्‍सर देखा गया है कि जो लोग अपना कार्य सुधार देते हैं, जनता उनको दुबारा भी चुनती है ; इस प्रकार ये प्रक्रिया स्थिरता को भी बढ़ाती है |

नेहा मोंगा जी का एक वीडियो देखें –

किसी प्रश्न या इस अभियान से जुड़ने के लिए 9811494494 पर एस.एम.एस. या वाट्स-अप करें

=== राइट-टू-रिकॉल पार्षद प्रस्तावित ड्राफ्ट का आरम्भ जो प्रधानमंत्री को सूचना-पत्र (राजपत्र) में डलवाना है ===

# [किस अफसर के लिए निर्देश]
प्रक्रिया / निर्देश

1. जनता का जांचा जा सकने वाला मीडिया [तहसीलदार, प्रधानमंत्री के लिए निर्देश]

(1.1) प्रधानमंत्री आदेश देते हैं कि यदि कोई भी नागरिक मतदाता, यदि खुद हाजिर होकर, 20 रुपये प्रति पेज एफिडेविट (स्टैम्प-पेपर) पर अपनी सूचना अधिकार का आवेदन अर्जी / भ्रष्टाचार के खिलाफ फरियाद / कोई प्रस्ताव या कोई अन्य एफिडेविट तहसीलदार दफ्तर (या अन्य प्रधानमंत्री द्वारा बताये गए दफ्तर) में देता है और प्रधानमंत्री की वेब-साईट पर रखने की मांग करता है, तो तहसीलदार (या उसका क्लर्क) उस नागरिक की मतदाता पहचान पत्र और पते के सबूत की जांच करेगा, एफिडेविट नंबर देकर एफिडेविट को पूरा स्कैन करके नागरिक के वोटर आई.डी. नंबर (मतदाता पहचान पत्र संख्या) के साथ प्रधानमंत्री की वेबसाइट पर रखेगा , ताकि सभी बिना लॉग-इन किये एफिडेविट देख सकें ।

(1.2) कोई भी नागरिक मतदाता यदि धारा-1.2 द्वारा दी गई अर्जी या एफिडेविट पर आपनी हाँ या ना दर्ज कराने मतदाता कार्ड लेकर आये, 3 रुपये का शुल्क (फीस) लेकर, तो पटवारी नागरिक का मतदाता कार्ड संख्या, नाम, उसकी हाँ या ना को कंप्यूटर में दर्ज करके रसीद दे देगा । नागरिक की हाँ या ना उनके मतदाता पहचान पत्र संख्या के साथ प्रधानमंत्री की वेब-साईट पर आएगी । गरीबी रेखा के नीचे के नागरिकों के लिए फीस 1 रूपये होगी ।

स्पष्टीकरण – इस प्रक्रिया द्वारा नागरिक अपने क्षेत्र के अफसरों के कार्य प्रमाण सहित दूसरे नागरिकों को बता सकते हैं ताकि नागरिक प्रमाण के आधार पर स्वयं निर्णय कर सकें कि कौन अच्छा कार्य कर रहे हैं और कौन बुरा कार्य कर रहे हैं

2. पार्षद उम्मीदवार पद के लिए पंजीकरण [तहसीलदार के लिए निर्देश]

प्रधानमंत्री जिला तहसीलदार को निर्देश देते हैं कि यदि 21 वर्ष से अधिक भारत का कोई नागरिक-मतदाता अपने जिले के तहसीलदार के दफ्तर आता है और उस जिले के पार्षद के लिए उम्मीदवार बनना चाहता है, तब तहसीलदार , पार्षद-चुनाव के जमा-राशि जितना शुल्क (फीस) लेगा और उस व्यक्ति को `पार्षद उम्मीदवार` घोषित करेगा | तहसीलदार एक सीरियल नंबर (क्रम संख्या) देगा और उसका नाम प्रधानमंत्री के वेबसाइट पर डालेगा |

3. नागरिकों द्वारा उम्मीदवारों की स्वीकृति (= अनुमोदन = पसंद) [तलाटी = पटवारी = लेखपाल को निर्देश]

(3.1) प्रधानमंत्री पटवारी (अर्थात तलाटी अर्थात लेखपाल) को निर्देश देता है कि उस विधानसभा क्षेत्र का मतदाता यदि खुद पटवारी के दफ्तर आता है, रु. 5 शुल्क (फीस) देता है, और कम से कम पांच व्यक्तियों को अनुमोदन देता है पार्षद के पद के लिए, तो पटवारी उसके पसंद (अनुमोदन) कंप्यूटर में डालेगा और उसको एक रसीद देगा, जिसमें लिखा होगा – उसकी मतदाता पहचान पत्र संख्या, तारीख-समय और जिन उम्मीदवारों को उसने पसंद किया है |

(3.2) यदि पटवारी के पास कंप्यूटर आदि नहीं है, तब तहसीलदार इस कार्य को तहसीलदार के दफ्तर को देगा, जब तक कि पटवारी को कंप्यूटर, आदि नहीं मिलता इस कार्य को करने के लिए |

(3.3) तहसीलदार एस.एम.एस द्वारा मतदाता की उम्मीदवार पसंद दर्ज करने का सिस्टम और एक एस.एम.एस फीडबैक सिस्टम बना सकता है | (सुरक्षित मेसेज (एस.एम.एस.) सिस्टम आने पर शुल्क 10 पैसे होगा)

(3.4) पटवारी नागरिकों की उम्मीदवार पसंद को प्रधानमंत्री वेबसाईट पर नागरिक के मतदाता पहचान पत्र संख्या के साथ डालेगा |
(3.5) सुरक्षा धारा (जिसके कारण आम-नागरिक ये सुनिश्चित कर सकते हैं कि ये प्रक्रिया पैसों से, गुंडों से या मीडिया द्वारा प्रभावित नहीं की जा सकती) [तलाटी अर्थात पटवारी अर्थात लेखपाल या (उसके क्लर्क) को निर्देश]
नागरिक किसी भी दिन बिना किसी शुल्क, अपना अनुमोदन (स्वीकृति) रद्द कर सकता है |

4. वर्तमान पार्षद कब इस्तीफा दे सकता है [पार्षद को निर्देश]

यदि किसी उम्मीदवार को वर्तमान पार्षद से उस चुनाव-क्षेत्र के सभी मतदाताओं के मतदाता संख्या के 10% अधिक अनुमोदन हो या उस क्षेत्र के सभी मतदाताओं के 50% मतदाताओं से अधिक का समर्थन है, तो मौजूदा पार्षद 7 दिनों में इस्तीफा दे सकता है (या उसे ऐसा करने की जरूरत नहीं है) |

5. पुराने पार्षद पर अविश्वास प्रस्ताव और नए पार्षद का चुनाव

(5.1) [दूसरे पार्षदों को निर्देश] यदि धारा 4 के अनुसार स्तिथि है और वर्तमान पार्षद 7 दिनों में इस्तीफा नहीं देता है, तो दूसरे पार्षद प्रस्ताव बुला सकते हैं, उस पार्षद को निकालने के लिए या ऐसा करना उनके लिए नहीं जरूरी है | पार्षदों का फैसला अंतिम होगा |

(5.2) [चुनाव आयोग को निर्देश] यदि पार्षद इस्तीफा दे देता है या निकाला जाता है, चुनाव आयोग नियम अनुसार नए चुनाव करवा सकती है | अगले चुनावों में, निकाला गया पार्षद चुनाव लड़ सकता है |

=== राजपत्र के लिए राइट-टू-रिकॉल पार्षद प्रस्तावित ड्राफ्ट का अंत ====