जब आप ये पानी पीते है तो पुरे शरीर का खून एक जगह इकठा होने लगता है, जानिए ऐसा क्यों होता है

7440

दोस्तों जैसा कि आपने पिछली कुछ पोस्ट में पढ़ा है कि आपको खाने के साथ पानी या कहने के तुरंत बाद पानी नहीं पीना है. खाने के बाद आप सुबह जूस, दोपहर छांछ या लस्सी और रात में दूध पी सकते है. पानी आपको खाने के 1 घंटा 30 मिनट बाद ही पीना है. अगर आप खाने के बाद पानी पीते है तो आपको 100 से भी अधिक बीमारी आ सकती है.

इसके बाद आपने जाना कि वात, पित और कफ क्या होते है जिसपर सम्पूर्ण आयुर्वेद आधारित है, उसके बाद आपने जाना कि आपको आपको पानी कैसे पीना चाहिए और उसके क्या फायदे और नुकसान होते है. पानी पीने का सबसे बेहतरीन और अच्छा उपाय है, पानी को घुट घुट करके पीना. अगर आप घुट घुट करके पानी पीते है तो आप मोटापा, जोड़ो का दर्द और अन्य रोगों से अपने शरीर की रक्षा कर सकते है. अब इस पोस्ट में हम बात करेंगे कि हमें कौन सा पानी पीना चाहिए और कौन सा नहीं.

आपको जिंदगी में कभी भी ठंडा पानी नही पीना है. आप आप कहेंगे ठंडे पानी से मतलब क्या है. तो जवाब ये है कि फ्रिज में रखा पानी या बर्फ डाला हुआ पानी. ये कभी भी नही पीना है. आब आप कहेगे क्यों ? आप मुझे ये बताओ अगर आपका शरीर ठंडा हो जाये तो इसका मतलब क्या है, इसका सीधा सा मतलब है कि आप मर जायंगे, फिर क्यूँ ठंडा पानी पीना चाहते है. ये ठंडा पानी शरीर के अनुकूल नही है. अब मै आपका समझाता हूँ. आप जैसे ही ठंडा पानी पीते है, शरीर ठंडा ना हो इसके लिए हमारा पेट उस ठन्डे पानी को गर्म करता है. आप कितना भी ठंडा पानी पियेंगे, पेट उसको गर्म करेगा और पानी को गर्म करने के लिए उर्जा लगती है और वो उर्जा है आपका रक्त (खून). अगर ज्यादा ठंडा पानी पियेंगे तो पेट उस पानी को गर्म करने के लिए सारे शरीर से थोडा थोडा रक्त खिचेगा, और जब तक वो पानी गर्म नहीं होता उतनी देर के लिए बाकि सब अंगो को खून की कमी होने लगेगी. और अगर शरीर के अंगो को ये रक्त की कमी नियमित आने लगी तो ये अंग खराब हो जायंगे, तो आपको कभी भी हार्ट अटैक आ सकता है, किडनी फ़ैल हो सकती है, लीवर डैमेज हो सकता है, आप के शरीर के किसी भी अंग का कबाड़ा निकल सकता है.

इसलिए आज आप जान लीजिए कि ठंडा पानी कभी नही पीना है और ठंडे पानी का एक अंग का और दुश्मन है, ये राजीव भाई ने कई लोगो के साथ देखा था. जो लोग बहुत ठंडा पानी पीते है, उनकी अंतडियो में संकुचन बहुत आ जाता है intestine में संकुचित हो जाता है और intestine अगर संकुचित हो तो फेर पेट साफ नही होगा, और जिनका पेट साफ नही होगा. उनको कब्ज (Constipation) होगा और कब्ज मदर डिसीस है यानि की सब बिमारियों की जाननी है, सब बीमारी पेट से शुरू होती है.

अगर आप में से कोई विदेश गया है तो राजीव भाई की बात आपको तुरंत समझ आ जाएगी. अमेरिका और यूरोप के लोग बहुत ठंडा पानी पीते है, जिसको वो लोग चाइल्ड वाटर कहते है. पानी को फ्रिज में रखते है और ऊपर से उसमे बर्फ भी डाल लेते है, और उसको फिर पीते है. कई कई दिन पानी फ्रिज में रखा रहता है, और फिर जब पीने लगे तो उसमे बर्फ डाल कर पीते है. इसका दुष्परिणाम राजीव भाई ने देखा है. ये जितने भी अमेरिकन और यूरोपियन लोग चाइल्ड वाटर पीते है वो सुबह जब संडास घर को जाते है तो एक एक घंटा दो दो घन्टे बहर ही नही आते है. जब उनको पूछते है कि संडास में दो घंटे क्या करते है तो वो कहते है कि न्यूज़ पेपर पढ़ते है, न्यूज़ पेपर क्यूँ पढ़ते हो तो पेट साफ नही होता, संडास नही होता. इसलिए टाइम पास करना पड़ता है तब राजीव भाई को समझ में आया कि यूरोपियन और अमेरिकन जो फॅमिली है. उनके संडास घर में लाइब्रेरी क्यों होती है, हाँ, संडास घर में लाइब्रेरी, किताब सब संडास घर में रखी है, क्योकि वो बैठ गए है, अब दो घंटे बिताने है, तो पढ़ते रहते है.

एक बार राजीव भाई ने एक अमेरिकन परिवार से पूछा कि आप अपना संडास घर में ये कबोअर्ड सीट क्यूँ लगवाते है, भारतीय पद्धति वाला क्यों नही लगवाते. तो उन्होंने जवाब दिया कि “राजीव भाई भारतीय पद्धति वाले पर 5-10 मिनट बेठ सकते है, हमको दो घंटे बैठना होता है इसलिए कबर्ड सीट बनाते है, आराम से कुर्सी की तरह बेठ जाते है”

वो बेचारे इतने परेशान होते है. और पेट सही से साफ़ नहीं होता तो इनके मुंह से बहुत बास आती है, तो मुह की बॉस को छुपाने के लिए मउथ फ्रेशनर हमेशा प्रयोग करते है और और कुछ स्मेल शरीर से भी आती है, क्योकि शरीर अंदर से साफ नही होता इसके लिए वो डीओ स्प्रे इस्तेमाल करते है. बहुत साल के बाद मेरी समझ में आया की ये Deodorant  इसलिए स्प्रे नही करते क्यूंकि वो फैशन है इसलिए स्प्रे करते है कि शरीर से बास अति है, क्योकि पेट साफ नही होता और पेट साफ इसलिए नही होता क्यूंकि वो चिल्ड वाटर पीते है.

ठंडा पानी आप कभी ना पिए, आप हमेशा नार्मल पानी पीना. आप घड़े का पानी पी सकते है. मिटते के बने हुए घड़े का पानी कभी भी चिल्ड वाटर नही होता. चिल्ड वाटर का मतलब है जिस पानी का तापमान 15 डिग्री से कम हो और मिटटी के घड़े में पानी आप रखेंगे तो उसका तापमान रूम टेम्परेचर है उससे दो या तिन डिग्री ही कम होता है. इसलिए मिटटी के घड़े का पानी पी सकते है, वो ठंडा नहीं माना जाता. अभी गर्मी के दिन है मिटटी के घड़े का पानी पिए फ्रिज का पानी नही.

अगर आप फ्रिज का पानी पियोगे तो जिंदगी भर दो बिमारिओ से तो लड़ना ही पड़ेगा. एक तो ये घुटने दुखना, कमर दुखना, कंधे का दर्द और दूसरा वजन बढ़ता ही जाएगा. और दुनिया का कोई डॉक्टर ठीक नही कर पायगा. वो कहेगा वजन घटाने के लिए कुछ दवा खा लो दवा खायेंगे थोड़े दिन घटेगा फेर उससे भी ज्यादा बढ़ जायगा और तकलीफ आ जायगी. घुटने का दर्द के लिए डॉक्टर कहेगा पैन किलर खा लो जितनी देर दवा खायेंगे, घुटने का दर्द बंद रहेगा. फिर दवा का असर खत्म हुआ फिर वापस आयगा. इसलिए फ्रिज को पानी के लिए उपयोग न करे. ये घर का नियम बना लो, फ्रिज का पानी या बर्फ डाला हु पानी गलती से भी नही पीना.

सब लिख पाना असंभव है, ये विडियो देखिए >>