जानिए कौन से परिवर्तन जरुरी है और कौन से नहीं

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हमारे बजुर्गों, हमारे इतिहासकारों और हमारे चिंतकों ने कहा है कि परिवर्तन ही जीवन है. और कुछ ने कहा कि परिवर्तन बेईमानी है, तो ऐसे कौन से परिवर्तन बेईमानी है और कौन से परिवर्तन अच्छे हैं आइये जानें.

देखिये दुनिया में हर समय परिवर्तन होते है. ये प्रकृति का नियम है और ये ही जीवन है. लेकिन हमें ध्यान ये देना है कि कौन से परिवर्तन अनुकूल है और कौन से प्रतिकूल है. इस बात को वागभट्ट जी ने एक सूत्र में बताया है कि जिस आबो हवा और परिस्थिति में आप रहते है, उसमें रहते हुए जो परिवर्तन होगा वो आपके अनुकूल है, और जिस हवा और परिस्थिति में आप नहीं रहते है वहां जो परिवर्तन होगा और आप उसको धारण करेंगे वो आपके प्रतिकूल है.

इसे और स्पष्टता से जाने और इस उदहारण से समझे. यूरोप और अमेरिका में पिछले कुछ सालों में जो रिसर्च हुई वो उनके लिए बहुत अनुकूल है. रेफरिजरेटर यूरोपियन लोगों के लिए बहुत काम की चीज है. अगर यही भाषण जर्मनी में चल रहा होता तो यही बताया जाएगा कि रेफरिजरेटर उनके लिए बहुत अनुकूल है, क्योकि वहा का तापमान 0 डिग्री से भी नीचे चला जाता है इसलिए चीजों को सही रखने के लिए फ्रिज में रखा जाता है. उनको कहेंगे कि रेफरिजरेटर, माइक्रोओवन जरुर लायें क्यूंकि उनके लिए अनुकूल है. क्योंकि उनकी परिस्तिथि में वो चेंज हुआ है. लेकिन वो हमारे देश के हिसाब से सही नहीं है.

हमारी परिस्तिथि में हम जो परिवर्तन करेंगे वो हमारे लिए अनुकूल होगा. अब उदाहरण के लिए जैसे हाथ वाली चक्की है, चक्की में एक परिवर्तन आज हुआ है और वो हमारे लिए अनुकूल है. पहले चक्की में बेअरिंग नही होता था, केवल एक डंडा होता था और उसके चारों और चाक को घुमाते थे और एक बीच में लकड़ी लगाते थे अब उस लकड़ी की जगह बेअरिंग लगा दिया है. ये परिवतन हमारे अनुकूल है क्यूंकि बेअरिंग लगने के बाद जो फ्रिक्शन था वो कम हुआ और श्रम कम हुआ और श्रम कम हुआ तो ज्यादा उत्पादन ले सकते हैं. श्रम तो हो ही रहा है लेकिन जितने श्रम में हम 1 किलो आटा लेते थे. उतने ही श्रम में अब 3 किलो आटा मिल रहा है. ये हमारे अनुकूल है.

ऐसे ही बैलगाड़ी के पहिये में भी बेअरिंग लगा दिए गये उससे फायदा ये हुआ कि बैल को गाडी खींचने में मदद मिली. पहले बैल बैलगाड़ी में 1 टन भार लेकर जाता था, लेकिन अब वही बैल 3 टन लेकर जाता है और वो भी बिना थके हुए. तो ये भी एक परिवर्तन है. परिवर्तन पर्यावरण या प्रकृति के अनुकूल है तो हमारे लिए बहुत अच्छा है. और दूसरों की आबो हवा और प्रकृति के अनुकूल जो परिवर्तन है वो आपको इतना अच्छा नही है.

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