घर से ही शुरू हो सकता है मोमबत्ती उद्योग, सिर्फ 15 हज़ार मे शुरू कर सकते है ये उद्योग

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मोमबत्ती बनाने का बिज़नस (Candle Making Business) शुरू करने के लिए आपको कम कैपिटल अमाउंट की आवश्यकता होगी साथ ही इस उपक्रम के लिए आपको लेबर की भी ख़ास जरूरत नहीं होती. साथ ही आप चाहें तो कस्टमर्स को अपने घर बुला कर कैंडल बेच सकते हैं या फिर खुद उनके यहाँ जाकर. ओर फिर ऑनलाइन बिज़नस का आप्शन तो खुला है ही. मतलब ये हैं कि किसी भी तरह से आपको नुकसान नहीं होने वाला.

अगर आप घर से बिज़नस शुरू करने का मन बना चुके हैं तो ये भी सोच लें कि आपको किस प्रकार की मोमबत्तियां बनानी हैं. सजावट के लिए या खुशबूदार या फिर एरोमा थेरेपी के लिए. साथ ही इस विषय पर एक प्लान भी रेडी कर लें.

मोमबत्ती बनाने के लिए कैसे लाइसेंस प्राप्त करें

अपने बिज़नस (Candle Making Business) को व्यवसाय के रूप में शुरू करने के लिए सबसे पहले उसके लिए पैन कार्ड बनवा लें. बैंक में बिज़नस फर्म के नाम से करंट अकाउंट भी खुलवाना जरूरी हैं. आप अपने बिज़नस को SSI यूनिट के रूप में भी रजिस्टर्ड करवा सकते हैं. लोकल अथॉरिटी से ट्रेड लाइसेंस होना भी जरूरी हैं. क्यूंकि आपका बिज़नस सामान खरीदने व बेचने का हैं इसलिए सेल्स टैक्स रजिस्ट्रेशन भी आवश्यक हैं. आप अपने ब्रांड नाम को चमकाने के लिए ट्रेड मार्क का यूज़ भी कर सकते हैं.

कितना करें निवेश

आपके निवेश की धनराशि इस बात पर निर्भर करेगी कि आपको कितने बड़े स्केल पर अपना मोमबत्ती बनाने का प्रोजेक्ट शुरू करना हैं. घरेलू स्तर पर मोमबत्ती बनाने का उपक्रम अधिक महंगा नहीं होता. लेकिन अगर व्यवसायिक रूप से इस काम को आगे बढ़ाना हैं तो मोमबत्ती बनाने की मशीन 50,000 रुपए से लेकर 1,00,000 तक की पड़ सकती हैं. मशीन की कीमत उसकी क्षमता पर निर्भर होती हैं. जितनी महंगी मशीन उतना ही अधिक उत्पादन. बैंक से लोन के लिए अप्लाई करते समय आपको अपने दिमाग में कच्चे माल की कीमत भी रखनी होगी. शुरुआत में कम से कम 40,000 से 50,000 तक के मुले का कच्चा माल आपको लेना होगा. इसी के हिसाब से आप बैंक से लोन या अपने बिज़नस में निवेश की प्लानिंग कर सकते हैं.

कच्चा माल व मशीनरी

आपको मोमबत्ती बनाने के लिए मोम व धागे के अतिरक्त अलग अलग रंग, विभिन्न प्रकार के साँचे, और खुशुबू की आवश्यता होगी. महक वाली मोमबत्तियां महंगी होती है. इनकी पैकिंग व डेकोरेशन पर ज्यादा ध्यान देने की जरूरत होती हैं. साथ ही मेल्टिंग पॉट, पॉर पॉट, तापमान नापने के लिए रूम थर्मामीटर, हथोडा व मोम गरम करने के लिए ओवन की आवश्कता भी होती हैं.

सही उत्पाद बनाने के लिए सही मशीनरी काचुनाव करना भी आवश्यक हैं. मोमबत्ती बनाने के लिए आप अपनी जरूरत के हिसाब से तीन तरह की मशीनरी के विषय में प्लान कर सकते हैं. मोमबत्ती बनाने की मशीन खरीदने के लिए आप विडियो में दिए गए नंबर पर संपर्क कर सकते है

फुल्ली आटोमेटिक कैंडल मेकिंग मशीन: यह मशीन फाइन स्टील व ब्रास पाइप से बनी होती है. इस मशीन से अधिक संख्या में मोमबत्ती निर्माण हो सकता हैं. मोमबत्ती बनाने की पूरी प्रक्रिया बिना किसी झंझट के निपट जाती हैं.

सेमी आटोमेटिक : जैसा कि नाम से पता चलता हैं; इस प्रकार की मशीनरी में मंनुअल ओपेरतिओन्ग भी करनी होती हैं. ये मशीन आसानी से ओपरेट की जा सकती हैं. जल्दी ही ठंडी हो जाने वाली ये मशीन यूजर फ्रेंडली कहलाई जाती हैं.

मैन्युअल ऑपरेटिंग मशीन: इस प्रकार की मशीन में सबसे कम लगत लगती हैं. पूरी तरह से मैन्युअली ऑपरेट होने वाली ये मशीन 300 से लेकर 1800 मोमबत्ती के पीस हर घंटे produce कर सकती हैं. ये सभी मोमबत्ती के पीस हाथ से ही कलेक्ट करने होते हैं.

क्या हैं मोमबत्ती बनाने का प्रोसेस

मोमबत्ती बनाने का प्रोसेस उस मशीन पर निर्भर करता है जोकि आपने अपने बिज़नस उपक्रम के लिए चुनी हैं. इस प्रोसेस में अमूमन आपको मोमबत्ती बनाने के सांचों (module) में धागा डालना होता हैं. फिर इनमें पिघला हुआ मोम डालते हैं. कुछ ही समय में मोम जम जाता हैं. अन्तिम स्टेप के रूप मोमबत्तियों को पैक करना होता हैं. अगर आपको मोमबत्ती में रंग या खुशबु डालनी हैं तो पिघले हुए माँ में ही इन दोद्नी को या एक चीज को डालना होगा.

इस विडियो में देखिए कैसे बनाई जाती है मोमबत्ती >>

इस विडियो में देखिए छोटा उद्योग जो आप बिना मशीन के भी चला सकते है >>