भारत में स्वदेशी हथियारों के उत्पादन के लिए प्रस्तावित क़ानून ड्राफ्ट

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भारत के नागरिको, अगर आप स्वदेशी हथियारों के निर्माण का समर्थन करते है, तो अपने सांसद को एस.एम.एस. द्वारा ये आदेश भेजे  माननीय सांसद मैं आपको आदेश करता हूँ कि, इस क़ानून को गैजेट में प्रकाशित किया जाए। मतदाता संख्या : ######
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प्रिय सांसद/विधायक, अगर आपको एस.एम.एस. के द्वारा ये यू.आर.एल. मिला है तो उसे वोटर का आदेश माना जाये जिसने यह मैसेज भेजा है (न कि जिसने ये लेख लिखा है) एस.एम.एस. भेजने वाला आपको लेख के `C` सैक्शन में कानून-ड्राफ्ट को अपने वेबसाईट, निजी बिल आदि द्वारा बढ़ावा करने और मांग करने के लिए आदेश दे रहा है

Right to Recall (7)=========== ड्राफ्ट का प्रारम्भ===========

  1. [जिला कलेक्टर (डी सी) या उसके क्लर्क को निर्देश]

यदि कोई नागरिक इस कानून में किसी परिवर्तन का प्रस्ताव करना चाहता है तो वह नागरिक जिला कलेक्‍टर अथवा उसके क्‍लर्क के पास इस परिवर्तन की मांग करने वाला एक ऐफिडेविट/हलफनामा जमा करवा देगा । जिला कलेक्‍टर अथवा उसका क्‍लर्क 20 रूपए प्रति पृष्‍ठ/पेज का शुल्‍क लेकर एफिडेविट को नागरिक के वोटर आई.डी. नंबर के साथ प्रधानमंत्री की वेबसाइट पर स्कैन कर देगा ताकि बिना लॉग-इन सब उसको देख सकें ।

  1. [तलाटी यानि पटवारी/लेखपाल या उसके क्लर्क को निर्देश]

यदि कोई नागरिक इस कानून या इसके किसी क्‍लॉज/खण्‍ड के विरूद्ध अपना विरोध दर्ज कराना चाहे अथवा वह उपर के क्‍लॉज/खण्‍ड में प्रस्‍तुत किसी एफिडेविट/हलफनामा पर अपना समर्थन दर्ज कराना चाहे तो वह पटवारी के कार्यालय में आकर 3 रूपए का शुल्‍क देकर हां/नहीं दर्ज करवा सकता है । तलाटी हां-नहीं दर्ज कर लेगा और उस नागरिक के हां–नहीं को प्रधानमंत्री की वेबसाईट पर नागरिक के वोटर आई.डी. नंबर के साथ डाल देगा ।

  1. [सभी]
    हाँ-ना की संख्या प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, अफसरों और जज पर बाध्य नहीं होंगे |
  2. यह क़ानून सिर्फ ‘सम्पूर्ण रूप से भारतीय नागरिको के स्वामित्व वाली कम्पनियों (WOIC) पर लागू होगा । (WOIC के ड्राफ्ट के लिए सैक्शन-C4 देखिये)
  3. शब्द `रक्षा मंत्री` से आशय भारत सरकार के रक्षा मंत्री से या किसी निश्चित कार्य को करने के लिए उनके द्वारा नियुक्त अधिकारी से है ।
  4. [रक्षा मंत्री के लिए निर्देश]
    रक्षा मंत्री या उसके द्वारा इस कार्य के लिए नियुक्त अधिकारी निम्न लिखित हथियारों की परिभाषाएं प्रकाशित करेगा –
    (A) छोटी बंदूके।
    (B) मध्यम आकार की बंदूके।
    (C) बड़ी बंदूके।
    (D) होवित्ज़र तथा होवित्ज़र किस्म के अन्य प्रकार।
    (E) टेंक तथा टेंक के अन्य प्रकार।
    (F) कारतूस, गोले तथा कारतूस व गोलों के अन्य प्रकार।
    (G) प्रक्षेपास्त्र तथा प्रक्षेपास्त्र के अन्य प्रकार।
    (H) लड़ाकू विमान तथा लड़ाकू विमानो के अन्य प्रकार।
    (I) सेना द्वारा उपयोग किये जाने वाले अन्य उपकरण तथा उनके प्रकार।
    (J) आणविक हथियार एवं उनके प्रकार।
    (K) रासायनिक हथियार एवं उनके प्रकार।
    (L) जैविक हथियार एवं उनके प्रकार।
    (M) अन्य श्रेणी के हथियार एवं उनके प्रकार ।
  5. [रक्षा मंत्री के लिए निर्देश]
    रक्षा मंत्री हथियारों की निम्नलिखित तीन श्रेणियां निर्धारित करके प्रकाशित करेंगे –
    (A) श्रेणी प्रथम: हथियार जिनके लिए पंजीकरण करवाना आवश्यक नहीं है ।
    (B) श्रेणी द्वितीय : ऐसे हथियार जिनके लिए पंजीकरण आवश्यक हो किन्तु लाइसेंस नहीं ।
    (C) श्रेणी तृतीय : ऐसे हथियार जिनके लिए लाइसेंस आवश्यक हो ।
  6. [रक्षा मंत्री के लिए निर्देश]
    रक्षा मंत्री निम्नलिखित हथियारों को ‘श्रेणी द्वितीय’ = `पंजीकरण आवश्यक, लाइसेंस जरूरी नहीं` सूची के अंतर्गत रखेंगे :
    (A) छोटी बंदूके
    (B) मध्यम आकार की बंदूके
    (C) बड़ी बंदूके
    (D) अनुमति मिले होवित्ज़र एवं उनके प्रकार ।
    (E) अनुमति मिले टेंक एवं उनके प्रकार ।
    (F) अनुमति मिले प्रक्षेपास्त्र एवं उनके प्रकार ।
    (G) अनुमति मिले कारतूस, गोले एवं उनके प्रकार ।
    (H) अनुमति मिले लड़ाकू विमान एवं उनके प्रकार ।
    (I) सेना द्वारा स्वीकृत और उपयोग में लाये जाने वाले अन्य श्रेणी के हथियार एवं उनके प्रकार ।

भारत की सरकार इंसास राइफल, 303, 202, .22 रिवोल्वर और भारतीय पुलिस द्वारा प्रयोग की जाने वाली सभी बंदूकें, जो “इंसास से कम” के स्तर की हैं, उनके डिजाईन सार्वजनिक क्षेत्र पर रखेगी | कोई भी नागरिक इस डिजाईन से, बिना किसी लाइसंस के, केवल पंजीकरण करवाकर, बंदूक या बन्दुक के पुर्जे या बंदूक की गोलियाँ बनाने की फैक्ट्री शुरू कर सकता है | कोई भी नागरिक गोली-रोक (बुलेट-प्रूफ) जैकेट भी बना सकता है |

  1. [रक्षा मंत्री के लिए निर्देश]
    रक्षा मंत्री निम्नलिखित हथियारों को ‘श्रेणी तृतीय’ = `लाइसेंस जरूरी`की सूची के अंतर्गत रखेंगे :
    (A) आणविक हथियार एवं उनके प्रकार ।
    (B) जैविक हथियार एवं उनके प्रकार ।
    (C) रासायनिक हथियार एवं उनके प्रकार ।
  2. [रक्षा मंत्री के लिए निर्देश]
    रक्षा मंत्री उन हथियारों की एक सूची जारी करेंगे जिनके लिए पंजीकरण या लाइसेंस की आवश्यकता न हो ।
  3. [रक्षा मंत्री के लिए निर्देश]
    जिन हथियारों के लिए सिर्फ पंजीकरण अनिवार्य है, ऐसे हथियारों के उत्पादन के लिए रक्षा मंत्री ‘भारतीय नागरिकों के सम्पूर्ण स्वामित्व वाली कम्पनियों (WOIC)’ के लिए आवश्यक निर्देश जारी करेंगे ।
    रक्षा मंत्री सुनिश्चित करेंगे कि इन कम्पनियों द्वारा कौनसी जानकारीयां सार्वजनिक की जायेगी तथा कौनसी जानकारियाँ रक्षा मंत्रालय के पास गुप्त रहेंगीं ।
    रक्षा मंत्री यह भी निर्देशित करेंगे कि कौनसी जानकारियाँ इन कम्पनियों को प्रकाशित करनी होंगी तथा कौनसी जानकारियाँ कम्पनियां स्वयं के पास गुप्त रख सकेंगी ।
  4. [सभी]
    जो कम्पनियां भारतीय नागरिकों के पूर्ण स्वामित्व वाली नहीं है, ऐसी कम्पनियों को तीनों श्रेणियों तथा अन्य किसी भी श्रेणी के हथियारों के उत्पादन हेतु पंजीकरण तथा लाइसेंस लेना अनिवार्य होगा ।
  5. [रक्षा मंत्री के लिए निर्देश]
    ऐसी कम्पनियाँ जो भारतीय नागरिकों के पूर्ण स्वामित्व वाली नहीं हैं, उनके द्वारा हथियार उत्पादन को नियंत्रण करने के लिए रक्षा मंत्री आवश्यक गैजेट अधिसूचना प्रकाशित करवाएंगे |
  6. [रक्षा मंत्री के लिए निर्देश]
    हथियार उत्पादन कर रही सभी प्रकार की कम्पनियों पर पंजीकरण और लाइसेंस दिशा-निदेशों को लागू करवाने के लिए रक्षा मंत्री अफसरों को नियुक्त करेंगे |
  7. [सभी]
    हथियारों का उत्पादन कर रही कंपनियों के बीच कोई विवाद हो या कोई नागरिक या सरकारी अफसर को ये लगता है कि वो फैक्ट्री का मालिक किसी कानून को तोड़ रहा है, तो कोर्ट मामले का निपटारा जज द्वारा नहीं, जिले की जूरी द्वारा होगा, जो जिले की वोटर लिस्ट में से 30 और 55 साल के बीच में होगा | राज्य जूरी और राष्ट्रिय जूरी को अपील की जा सकती है |
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    टीसीपी – जनता की आवाज
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    1.

[कलेक्टर (या उसका क्लर्क) को निर्देश ]

राष्ट्रपति कलेक्टर को आदेश देता है कि यदि कोई भी नागरिक मतदाता, यदि खुद हाजिर होकर, एफिडेविट पर अपनी सूचना अधिकार का आवेदन अर्जी / भ्रष्टाचार के खिलाफ फरियाद / कोई प्रस्ताव या कोई अन्य एफिडेविट कलेक्टर को देता है और प्रधानमंत्री की वेब-साईट पर रखने की मांग करता है, तो कलेक्टर (या उसका क्लर्क) उस एफिडेविट को प्रति पेज 20 रूपये का लेकर, सीरियल नंबर देकर, एफिडेविट को स्कैन करके प्रधानमंत्री की वेबसाइट पर रखेगा, नागरिक के वोटर आई.डी. नंबर के साथ, ताकि सभी बिना लॉग-इन के वे एफिडेविट देख सकें ।

2.

[पटवारी अर्थात तलाटी अर्थात लेखपाल (या उसका क्लर्क) के लिए निर्देश]

(2.1) राष्ट्रपति पटवारी को आदेश देता है कि यदि कोई भी नागरिक मतदाता यदि धारा-1 द्वारा दी गई अर्जी या एफिडेविट पर आपनी हाँ या ना दर्ज कराने मतदाता कार्ड लेकर आये, 3 रुपये का शुल्क (फीस) लेकर, तो पटवारी नागरिक का मतदाता कार्ड संख्या, नाम, उसकी हाँ या ना को कंप्यूटर में दर्ज करके रसीद दे देगा ।
नागरिक की हाँ या ना प्रधानमंत्री की वेब-साईट पर आएगी । गरीबी रेखा के नीचे के नागरिकों के लिए शुल्क 1 रूपये होगा ।

(2.2) नागरिक पटवारी के दफ्तर जाकर किसी भी दिन अपनी हाँ या ना, बिना किसी शुल्क के रद्द कर सकता है और तीन रुपये देकर बदल सकता है ।

(2.3) कलेक्टर एक ऐसा सिस्टम भी बना सकता है, जिससे मतदाता का फोटो, अंगुली के छाप रसीद पर डाला जा सके | और मतदाता के लिए फीडबैक (पुष्टि) एस.एम.एस. सिस्टम बना सकता है |

(2.4) प्रधानमंत्री एक ऐसा सिस्टम बना सकता है, जिससे मतदाता अपनी हाँ या ना, 10 पैसे देकर एस.एम.एस. द्वारा दर्ज कर सके |

3.

[सभी नागरिकों, अधिकारियों, मंत्रियों के लिए सूचना]

ये कोई रेफेरेनडम / जनमत-संग्रह नहीं है | यह हाँ या ना अधिकारी, मंत्री, न्यायधीश, सांसद, विधायक, अदि पर अनिवार्य नहीं होगी । लेकिन यदि भारत के 40 करोड़ नागरिक मतदाता, कोई एक अर्जी, फरियाद पर हाँ दर्ज करें, तो प्रधानमंत्री उस फरियाद, अर्जी पर ध्यान दे भी सकते हैं या ऐसा करना उनके लिए जरूरी नहीं है, या इस्तीफा दे सकते हैं । उनका निर्णय अंतिम होगा ।
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============= ड्राफ्ट की समाप्ति===========

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