टेस्ट में फ़ैल ! अगर आपके घर में भी है तो उठाकर बाहर फेंक दे

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*नई दिल्ली.* इंडिया में पॉपुलर पेनकिलर कॉम्बिफ्लेम को सेफ्टी स्टैंडर्ड्स पर खरा नहीं पाया गया है। हाल में ही सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन (सीडीएससीओ) की जांच में इस दवा के 4 बैच सेफ्टी फेल हो गए। इसके बाद मेडिसिन बनाने वाली कंपनी सनोफी (Sanofi) की लोकल ब्रांच ने मार्केट से दवाइयों की बड़ी खेप हटा ली है।

पेनकिलर कॉम्बिफ्लेम सेफ्टी मानकों पर खरी नहीं पाई गई है >>

*डिसइंटिग्रेशन टेस्ट में फेल, हेल्थ के लिए खतरा… 
– ऑर्गनाइजेशन की डिसइंटिग्रेशन टेस्ट में ये दवाइयां फेल हुई हैं।
– इस टेस्ट में देखा जाता है कि मेडिसिन बॉडी के अंदर कितनी देर में ब्रेकडाउन होती है। कॉम्बिफ्लेम के मामले में इसी समय में देरी देखी गई है।
– सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गनाइजेशन के मुताबिक, दवाइयों की बड़ी खेप सब-स्टैंडर्ड पाई गई हैं।
– इनके इस्तेमाल से मरीज को कई तरह के साइड इफेक्ट हो सकते हैं।
– खासतौर से इनसे पेट में ब्लीडिंग हो सकती है। लूज मोशन्स और गैस्ट्रो-इन्टेस्टाइनल की प्रॉब्लम भी हो सकती है।

*कंपनी ने दो बैच की दवाइयां हटाईं 
– *सीडीएससीओ की जानकारी के बाद कंपनी ने जून और जुलाई 2015 बैच की दवाइयों को मार्केट से हटा लिया है।
– कंपनी ने इस बात की जानकारी भी दी है। कंपनी के मुताबिक, दो और बैच की दवाइयां भी जल्द हटा ली जाएंगी।

*पैरासिटामॉल और आईबूप्रोफेन का कॉम्बिनेशन* 
– कंपनी के 2015 की रिपोर्ट के मुताबिक, पैरासिटामाॅल इंडिया में सनोफी कंपनी की यह दवा पांच बड़े ब्रांड में शामिल है और यह सबसे ज्यादा पॉपुलर पेनकिलर ब्रान्ड भी है।
– यह पैरासिटामॉल और आईबूप्रोफेन का कॉम्बिनेशन है।* *जिन बैच की दवाइयों को हटाया गया है, वे जून 2015 और जुलाई 2015 की मैैन्युफैक्चर्ड हैं और उनकी एक्सपायरी डेट मई 2018 और जून 2018 है।
– हालांकि इस मसले पर सनोफी का कहना है कि हम डॉक्टर और मरीजों को भरोसा दिला सकते हैं कि हमारे प्रोडक्ट से किसी तरह का नुकसान नहीं होगा, हम स्टैंडर्ड्स काे ध्‍यान में रखकर ही प्रोडक्ट तैयार करते हैं।

कॉम्बिफ्लेम के इस्तेमाल से मरीज को कई तरह के साइड इफेक्ट हो सकते हैं।

*पहले भी एंटी-डायबिटिक सहित 500 और दवाओं पर लटकी तलवार* 
*- *सरकार ने मार्च में  344 फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन दवाओं (पैरासिटामॉल+ फिनाइलफ्रिन+ कैफीन) की मैन्यूफैक्चरिंग, सेल्स और डिस्ट्रिब्यूशन पर बैन लगाया था।
– इसके लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया था।
– इसके बाद प्रॉक्टर एंड गेम्बल ने विक्स एक्शन 500 एक्स्ट्रा बनाना बंद कर दिया था।
– नोटिफिकेशन से करीब 500 दवाओं पर बैन होने का खतरा है।

*क्या है फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन* 
– फिक्स्ड डोज कॉम्बिनेशन वाली दवाइयां ऐसी होती हैं, जिन्हें बनाने में दो या दो से ज्यादा सॉल्ट का इस्तेमाल किया जाता है।
– आरोप है कि इन दवाइयों को बनाने के लिए भारत के रेफरेंस में कोई खास रिसर्च नहीं किया गया है।
– इनके क्लीनिकल ट्रायल पर भी सवाल उठाए गए हैं।
– हालांकि भारत में ऐसी सैकड़ों दवाइयां मार्केट में बिक रही हैं।
– इसके पहले भी 2007 में सरकार ने 295 दवाइयां पर बैन लगाया था, लेकिन फॉर्मा कंपनियां कोर्ट चली गईं, जिससे यह मामला अटका हुआ है।

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