प्रोस्टेट ग्रंथि बढ़ने और मूत्र समस्याओं के सरल उपचार

73924

प्रोस्टेट एक छोटी सी ग्रंथि होती है जिसका आकार अ्खरोट के बराबर होता है। यह पुरुष के मूत्राषय के नीचे और मूत्रनली के आस-पास होती है। 40 की आयु के बाद बहुधा प्रोस्टेट ग्रन्थि का आकार बढने लगता है।इसमें पुरुष के सेक्स हार्मोन प्रमुख भूमिका होती है। जैसे  ही प्रोस्टेट बढती है मूत्र नली पर दवाब बढता है  और पेशाब में रुकावट की  स्थिति बनने लगती है। पेशाब पतली धार में ,थोडी-थौडी  मात्रा में लेकिन बार-बार आता है कभी-कभी पेशाब टपकता हुआ बूंद बूंद जलन के साथ भी आता है। कभी-कभी पेशाब दो फ़ाड हो जाता है। रोगी मूत्र रोक नहीं पाता है। रात को बार -बार पेशाब के लिये उठना पडता जिससे नीद में व्यवधान पडता है। इस विडियो में इस प्रकार की सभी बीमारियों का इलाज जाने |

सारी जानकारी लिख पाना असंभव है ये विडियो देखिए >>

आप यहाँ क्लिक करके विडियो डाउनलोड भी कर सकते है >>

दोस्तों जैसा कि आपने विडियो में देखा कि राजीव भाई ने बताया कि आप सिर्फ पानी पीने के तरीके को बदलकर, और घुट घुट करके पानी पीने से बहुत से रोगों का इलाज कर सकते है या बहुत से रोगों को रोक सकते है.

अगर आपको ये पोस्ट अच्छी लगी तो जन-जागरण के लिए इसे अपने  Whatsapp और  Facebook पर शेयर करें