Rajiv Dixit – जानिए रात के भोजन के बाद कितना टहलना चाहिए

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आठवां नियम इसका बिल्कुल उल्टा है आठवां नियम है रात को जब भी खाना खाए तो 2 घंटे तक आराम नहीं करना दोपहर को खाना खाते ही आराम करना रात को कभी भी खाना खाकर 2 घंटे बाद ही आराम करना अब आप बोलेंगे रात का क्या है रात की बात यह है कि सूरज चला गया चंद्रमा आ गई आप सभी जानते हैं चंद्रमा शीतल है. चंद्रमा शीतल है तो शरीर भी शीतल है और शरीर शीतल है तो ब्लड प्रेशर लो है और लो BP होता है तो काम ही करना चाहिए. काम करेंगे तो फिर तकलीफ आएगी हर्ट में किसी भी डॉक्टर से आप यदि जनरल नॉलेज के लिए बात करेंगे हाई बीपी में क्या करना है वह कहेंगे आराम करो लो बीपी में क्या करो तो तुरंत कहेगा काम करो तो लो bP होता है रात को खाना खाने के बाद रात का खाना खाने के बाद कौन सा काम करें सबसे अच्छा काम है.

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आयुर्वेद में कहा गया है टहलना कितना टहलना कम से कम 500 कदम अधिक से अधिक हजार कदम 500 तो कम से कम और आप जो मॉर्निंग वॉक करते हैं तो मेरा छोटा सा सजेशन है के इवनिंग वॉक शुरू कर दीजिए मॉर्निंग वॉक की जगह इवनिंग वॉक शुरु कर दीजिए खाने के बाद भले ही गली में कर लीजिए अंधेरा है लाइट नहीं है तो छत पर कर लीजिए आपके पिछवाड़े में कर लीजिए गिनकर आपको 500 कदम चलना है जिंदगी आपकी इतनी आराम से कटेगी कि आप सोच नहीं सकते.

मॉर्निंग वॉक के लिए मैं क्यों मना कर रहा हूं मॉर्निंग वॉक के लिए इसलिए मना कर रहा हूं कि भारत में सवेरे सवेरे जब हम सो कर उठते हैं तो शरीर में वात का प्रकोप होता है वायु और दौड़ेंगे एक्सरसाइज करेंगे भागेंगे तो वात और बढ़ता है तो वायु का प्रकोप है तो मैंने आपसे कहा 80 रोगों का कारण है इसलिए भारत के आयुर्वेद शास्त्र में कहा गया है सुबह के समय आराम से बैठकर योग करें या प्राणायाम करें जिसमें दौड़-भाग ज्यादा ना हो

और रात को खाने के बाद आप चाहे तो थोड़ा भाग दौड़ कर ले जैसे करें रात को कम से कम हजार कदम दोपहर को खाना खाने के बाद आराम और रात को खाना खाने के बाद वॉकिंग और कुछ इधर उधर का काम थोड़ा स्टडी इन थोड़ा रीडिंग 2 घंटे बिता दीजिए सर आपने 7:00 बजे तक खा लिया तो 9:00 बजे तक का समय निकाल लीजिए फिर आप सोने के लिए चले जाइए या 8:00 बजे खा लिया तो 10:00 बजे तक का समय बिता लीजिए फिर सोने के लिए चले जाइए तो यह आठवां नियम है