सुबह उठकर खाएं अंकुरित काले चने, बॉडी पर होंगे ये 10 असर

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चना शरीर में ताकत लाने वाला और भोजन में रुचि पैदा करने वाला होता है। सूखे भुने हुए चने बहुत रूक्ष और वात तथा कुष्ठ को नष्ट करने वाले होते हैं। उबले हुए चने कोमल, रुचिकारक, पित्त, शुक्रनाशक, शीतल, कषैले, वातकारक, ग्राही, हल्के, कफ तथा पित्त नाशक होते हैं।

काले चने सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं। इनमें बड़ी मात्रा में कार्बोहाइड्रेट, विटामिन्स, मिनरल्स, प्रोटीन और फाइबर्स होते हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद के डॉ. सी. आर. यादव का कहना है कि चने को अंकुरित करके सुबह खाने से इनका फायदा बढ़ जाता है।

कैसे बनाएं और खाएं अंकुरित चने… ?

सुबह एक मुट्ठी काले चनों को अच्छे से धोकर साफ पानी में भिगो दें। रात में सोने से पहले इनका पानी निकालकर इन्हें एक साफ गीले कपड़े में लपेटकर हवा में रख दें। अगले दिन सुबह तक ये चने अंकुरित हो जाएंगे। इन चनों को सीधे न खाकर इन्हें हल्के तेल में थोड़ा फ्राई करना ज्यादा बेहतर रहता है। चाहें तो इनमें बारीक कटी हुई सलाद मिला लें। इन्हें अच्छी तरह चबा-चबाकर खाना चाहिए। आइए जानते हैं इसके क्या फायदे हैं।

मिलेगी ताकत – अंकुरित काले चने ताकत और अनिल जी का बहुत बड़ा सोरस है रेगुलर खाने से कमजोरी दूर होती है

बढ़ेगी फर्टिलिटी – रोज सुबह अंकुरित काले चने शहद के साथ लेने से फर्टिलिटी बढती है

बेहतर स्पर्म क्वालिटी – सुबह 1 चम्मच शक्कर मिलाकर अंकुरित काले चने खाने से स्पर्म क्वालिटी बेहतर होती है

कब्ज से राहत – अंकुरित काले चने में ढेर सारे फाइबर होते है. ये पेट को साफ करते है और डाइजेशन बेहतर करते है

यूरिन प्रॉब्लम होगी दूर – अंकुरित काले चने के साथ गुड खाने से बार-बार यूरिन जाने की प्रॉब्लम ठीक होती है. पाइल्स से भी राहत मिलती है

हेल्दी स्किन – बगैर नमक डाले चबा चबाकर खाने से स्किन हेल्दी और ग्लोइंग होती है. खुजली, रेशेज जैसी स्किन प्रॉब्लम दूर होती है

बढ़ेगा वजन – काले चने बॉडी मास बढ़ाने में भी हेल्पफुल है. रेगूलर खाने से वजन बढ़ता है और मसल्स स्ट्रोंग होती है

सर्दी-जुकाम से बचाव – अंकुरित काले चने बॉडी की इम्युनिटी बढ़ाते है. सर्दी -जुकाम जैसी बिमारियों से बचाव होता है

डायबटीज से बचाव – रेगुलर अंकुरित काले चने खाने से मेटाबोलिज्म तेज होता है. डायबटीज से बचाव होता है

खून की कमी होगी दूर – अंकुरित काले चने आयरन का बहुत बड़ा सोर्स है. ये खून की कमी तो दूर करते ही है, ब्लड प्यूरीफाय भी करते है

चना शरीर को चुस्त-दुरुस्त करता है। खून में जोश पैदा करता है। यकृत (जिगर) और प्लीहा के लिए लाभकारी होता है। तबियत को नर्म करता है। खून को साफ करता है। धातु को बढ़ाता है। आवाज को साफ करता है। रक्त सम्बन्धी बीमारियों और वादी में लाभदायक होता है। इसके सेवन से पेशाब खुलकर आता है। इसको पानी में भिगोकर चबाने से शरीर में ताकत आती है। चना विशेषकर किशोरों, जवानों तथा शारीरिक मेहनत करने वालों के लिए पौष्टिक नाश्ता होता है।

इसके लिए 25 ग्राम देशी काले चने लेकर अच्छी तरह से साफ कर लें। मोटे पुष्ट चने को लेकर साफ-सुथरे, कीडे़ या डंक लगे व टूटे चने निकालकर फेंक देते हैं। शाम के समय इन चनों को लगभग 125 ग्राम पानी में भिगोकर रख देते हैं। सुबह के समय शौचादि से निवृत्त होकर एवं व्यायाम के बाद चने को अच्छी तरह से चबाकर खाएं और ऊपर से चने का पानी वैसे ही अथवा उसमें 1-2 चम्मच शहद मिलाकर पी जाएं। देखने में यह प्रयोग एकदम साधारण लगता है किन्तु यह शरीर को बहुत ही स्फूर्तिवान और शक्तिशाली बनाता है।

चने की मात्रा धीरे-धीरे 25 से 50 ग्राम तक बढ़ाई जा सकती है। भीगे हुए चने खाने के बाद दूध पीने से वीर्य पुष्ट होता है। व्यायाम के बाद रात के भीगे हुए चने, चने का पानी के साथ पीने से स्वास्थय अच्छा बना रहता है। जिसकी पाचक शक्ति (भोजन पचाने की शक्ति) कमजोर हो, या चना खाने से पेट में अफारा (गैस) होता है तो उन्हें चने का सेवन नहीं करना चाहिए।