चलिए Chicken McNuggets MacDonald की फैक्टरी और खुद देखिए कि आप क्या खाते हैं

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कुछ सालों पहले McDonald’s ने अपने प्रोडक्ट्स 20 रुपये में उतार कर सबको अपना स्वाद चखा दिया था. आज भारत में बर्गर के नाम पर पहला नाम McDonald’s का ही लिया जाता है. अगर आप भी McDonald’s के शौकीन हैं, खासतौर पर Chicken McNuggets के, तो आज हम आपको बताते हैं कि अाखिर में आपके पसंदीदा बर्गर में होता क्या है? साल 2012 में अमेरिका के एक न्यूज़ चैनल ने ये दावा किया था कि अमेरिका की 70% फूड कंपनी Pink Slime इस्तेमाल करती हैं, यानि बीफ. ये सवाल McDonald के लिए भी उठे थे. लोगों को ये बताने के लिए कि McDonald Chicken McNuggets में चिकन का इस्तेमाल होता है या Pink Slime. हाल ही में एक Youtube चैनल ने Tennessee Factory का मुआयना किया, जहां McDonald का मटीरियल बनता है और उनके ख़ुफ़िया कैमरे में जो रिकॉर्ड हुआ उसे देखकर शायद आप ये सब खाना छोड़ दे. क्योकि जानवरों के साथ वहा पर बहुत करुर्ता होती है

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दोस्तों आपने विडियो में देखा कि कैसे ये अपने प्रोडक्ट तैयार करते हहै और जानवरों की किस करुर्ता के साथ हत्या कर रहे है, जिस तरह सी अपने विडियो में देखा आपको ये अंदाजा तो हो ही गया होगा कि इन जीवो को कितनी तरह की बीमारी होंगी क्योकि इनको जिस स्तिथि में रखा जा रहा है इस बात से कोई इंकार नहीं कर सकता कि इनको कोई बीमारी ना हो. दोस्तों शाकाहारी बने और दुसरो को भी प्रेरित करे.

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बर्गर खाने के चक्कर में कहीं आप मानव मांस तो नहीं खा रहे, यह दिल दहला देने वाली खबर आपकी आंखें खोल देगी

अगली बार जब आप मैक डोनाल्ड रेस्तरां में बैठकर बीफ हैमबर्गर खा रहे हों तो एक बार ये जरूर सोच लीजिएगा कि कहीं आप मानव मांस तो नहीं खा रहे हैं. ये खबर अविश्वसनीय लग सकती है, पर एक रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका के ओक्लाहोमा शहर में स्थित मैक डोनाल्ड की मीट फैक्ट्री में मानव मांस पाए गए हैं. मानव मांस के अलावा इस फैक्ट्री के फ्रीजर में घोड़े के मांस भी मिले हैं.

मैक डोनाल्ड का ट्रैक रिकॉर्ड पहले भी अच्छा नहीं रहा है. उसपर कई तरह के गंभीर आरोप लगते रहे हैं. अभी हाल ही में इस बहुराष्ट्रीय कम्पनी के चीन स्थित कुछ रेस्तरां में बासी मांस प्रयोग करने की खबर आई थी. आज भी मैक डोनाल्ड द्वारा अपने कई उत्पादों में ऐसे घटकों का प्रयोग किया जाता है जो रहस्यमयी हैं. कोई नहीं जनता कि इन पदार्थों के स्रोत क्या हैं.

कुछ दिन पहले मैक डोनाल्ड के एक कर्मचारी का ऑडियो रिकॉर्डिंग सामने आई  थी जिसमें वह स्वीकार कर रहा है कि अपने 100 प्रतिशत बीफ हैमबर्गर में मैक डोनाल्ड फिलर के रूप में मानव मांस का प्रयोग करता है. इसके अलावा केंचुए का मांस भी मैक डोनाल्ड द्वारा फिलर के रूप में प्रयोग किया जाता है.

ताज़ा रिपोर्ट के मुताबिक़ खाद्य इंस्पेक्टरों द्वारा ओक्लाहोमा शहर के मीट फैक्ट्री में इंसान और घोड़े के मांस पाए गए हैं. उन ट्रकों में भी मानव मांस पकड़ा गया है जो मैक डोनाल्ड के विभिन्न रेस्तरां में पेटिस सप्लाई करने जा रहे थे.

कई रिपोर्टो का कहना है कि खाद्य अधिकारियों ने पूरे अमेरिका के मैक डोनाल्ड रेस्तरां का मुआयना किया और लगभग 90 प्रतिशत रेस्तरां में इंसानी मांस पाया. जबकि घोड़े का मांस 65 प्रतिशत रेस्तरां में पाया गया है.

लॉयड हैरिसन नाम के एक एफबीआई एजेंट ने हज्लर के रिपोर्टर को बताया कि, “सबसे चिंताजनक बात ये है कि सिर्फ मानव मांस ही नहीं बल्कि बच्चों के मांस पाए गए हैं. अमेरिका भर के मैक डोनाल्ड की फैक्ट्रियों के निरक्षण के दौरान जितने छोटे शरीर के अंग पाए गए हैं वे किसी व्यस्क के नहीं हो सकते हैं. यह वाकई भयानक है.”

मैक डोनाल्ड के उपभोक्ता कंपनी से जवाब मांग रहे हैं. आखिर कितने समय से वह अपने उत्पादों में मानव मांस का प्रयोग कर रही है? वे बच्चे कहां से आए जिनका मांस कंपनी की फक्ट्रियों में मिला है? क्या वे फक्ट्रियों में मृत अवस्था में ही लाए गए थे? उपभोक्ताओं को उम्मीद है कि जांच एजेंसियां सघन और निष्पक्ष जांच करेंगी और इन सभी सवालों के जवाब ढूंढ़ निकाल लेगी.

मानव मांस खाने का प्रचलन हजारों साल पुराना है और यह आज भी प्रचलन में है. 2013 में उत्तर कोरिया में एक व्यक्ति को भोजन के लिए अपने बच्चों की हत्या करने के आरोप में मौत की सजा दी गयी थी. कई ऐसी जनजातियाँ हैं जिनकी परंपरा में मानव मांस खाना शुमार है. पर आधुनिक समाज में मानव मांस खाने वाले को मानसिक रूप से बीमार ही कहेंगे.

यह सोचने वाली बात है कि मैक डोनाल्ड अमेरिका जैसे देश में जहां खाद्य वस्तुओं की सुरक्षा और गुणवत्ता के मानक इतने ऊँचे हैं और उनका कड़ाई से पालन भी किया जाता है वंहा ऐसे खेल कर सकती है तो फिर भारत जैसे देश में क्या गुल खिलाती होगी इस अंदाजा होना चाहिए आपको. यहां खाद्य वस्तुओं के सुरक्षा मानक और उसे लागू करवाने वाला तंत्र कितना लचर है यह बताने की जरुरत नहीं है.

 Source : Dainik Jagran

इस विडियो में देखिए अगर आप शाकाहरी है तो आप कितने सोभाग्यशाली है और कितनी बीमारी आपसे दूर रहेगी और आप ग्लोबल वार्मिंग को भी बचा रहे है >>