जॉनसन एंड जॉनसन पर कोर्ट ने लगाया 365 करोड़ का जुर्माना, देखिए ऐसा क्या मिलाते थे पाउडर में

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अमेरिकी दवा कंपनी जॉनसन एंड जॉनसन पर कोर्ट ने 55 मिलियन डॉलर यानि तकरीबन 365 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया है। यह जुर्माना उसके टैलकम पाउडर से होने वाले कैंसर के चलते लगाया गया है। अमेरिका के दक्षिणी डकोटा की एक महिला ने जॉनसन एंड जॉनसन पर आरोप लगाया था कि उसे इस कंपनी के टैलकम पाउडर के कारण गर्भाशय का कैंसर हो गया। जॉनसन एंड जॉनसन फैसले के खिलाफ अपील करेगी।

महिला के वकील जिम ओंडर ने बताया कि 1970 से ही रिसर्चर्स टैलकम पाउडर को गर्भाशय के कैंसर से जोड़ रहे हें। जॉनसन एंड जॉनसन के अंदरूनी दस्‍तावेज यह बताते हैं कंपनी को इस बात की जानकारी थी। कंपनी ने लोगों को इस बात की जानकारी नहीं दी।’

इससे पहले भी एक अन्‍य कोर्ट ने जॉनसन एंड जॉनसन पर 72 मिलियन डॉलर का जुर्माना लगाया था। कोर्ट ने यह आदेश अलाबामा की एक महिला के परिवार की शिकायत पर दिया था। महिला की मौत गर्भाशय के कैंसर से हुई थी।

फरवरी में भी लगा था 475 करोड़ का जुर्माना

 – यह कोई अकेला मामला नहीं है। एक अमेरिकी कोर्ट ने फरवरी में भी कंपनी पर 475 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया था। यह मामला भी ओवेरियन कैंसर का था। और इसमें जैकलीन फॉक्स नाम की महिला की मौत हो गई थी।

– जैकलीन 35 साल से टेल्कम पाउडर का इस्तेमाल कर रही थीं। इसके बाद भारत में भी कंपनी के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई थी।

भारत में कितना है जॉनसन एंड जॉनसन का मार्केट

– भारत में बेबी पाउडर के बाजार के 50% हिस्से पर जॉनसन एंड जॉनसन का कब्जा है।

– एक्टिविस्ट्स की दलील है कि कंपनी ने टैल्कम पाउडर से कैंसर के खतरे की वॉर्निंग नहीं दी।

– एक रिसर्च के मुताबिक टैल्कम पाउडर का हफ्ते में एक बार इस्तेमाल करने से गर्भाशय के कैंसर का खतरा 33% बढ़ जाता है। रोजाना इस्तेमाल से खतरा 41% ज्यादा होता है।

 कंपनी पर 1200 महिलाएं केस दर्ज करा चुकी हैं…

– 175 देशों में बिकते हैं जानसन के प्रोडक्ट्स। रेवेन्यू 4.65 लाख करोड़ रु. और प्रॉफिट 1.02 लाख करोड़ रु. का है।

– अमेरिका में गर्भाशय कैंसर से पीड़ित 1200 महिलाएं कंपनी पर केस दर्ज करा चुकी हैं। भारत में ही हो रही है जांच।

कंपनी पर पहले भी लग चुके हैं आरोप

– 2007 में जॉनसन एंड जॉनसन के प्रॉडक्ट में कार्सिनोजेनिक एलिमेंट्स पाए गए थे। बाद में पता चला कि ऐसे ऐलिमेंट‌स टेलकम पाउडर को इथाइल ऑक्साइड से स्टरलाइज किए जाने पर पैदा हुए और ये स्किन के लिए नुकसानदेह होते हैं।

– मई, 2009 में कैंपेन फॉर सेफ कॉस्मेटि‍क ने जॉनसन एंड जॉनसन पर बेबी और बड़े लोगों के पर्सनल केयर प्रोडक्ट्स को बनाने वाली चीजों पर सवाल उठाए थे।

– लगातार तीन साल चले निगेटिव कैम्पेन के डर से कंपनी ने 2012 में इनग्रेडिएंट्स 1,4- डाइऑक्सेन और फॉरमेलडेहाइड को हटाने के लिए तैयार हो गई।