इस मक्खन की सच्चाई जानकर आपके पैरो तले ज़मीन खिसक जाएगी, आप खुद अपनी मौत का सामान खा रहे है

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आजकल किसी भी ढाबे पर जाओ मक्खन दिल खोल कर खिला रहा है. खाने के साथ कटोरी में या परांठों के ऊपर मक्खन के बड़े से क्यूब रख दिए जाते हैं या फिर इस मक्खन को दाल और सब्जियों के ऊपर गार्निश की तरह डाल दिया जाता है. खाने वाले गदगद हो जाते हैं की देखो क्या कमाल का होटल है पूरा पैसा वसूल करवा रहा है. ये मक्खन नहीं सबसे घटिया पाम आयल से बनी मार्जरीन है. पाम तेल दुनिया का सबसे खतरनाक तेल है. इससे हार्ट अटैक सबसे जल्दी आता है. दुनिया और भारत में बढ़ रहे हार्ट अटैक के कारण में ये भी एक बहुत बड़ा कारण है.

बटर टोस्ट, दाल मखनी, बटर ऑमलेट, परांठे, पाव भाजी, अमृतसरी कुल्चे, शाही पनीर, बटर चिकन और ना जाने कितने ही व्यंजनों में इसे डेयरी बटर की जगह इस्तेमाल किया जा रहा है और आपसे दाम वसूले जा रहे हैं डेयरी बटर के.  कुछ लोगों को ढाबे पर दाल में मक्खन का तड़का लगवाने और रोटियों को मक्खन से चुपड़वा कर खाने की आदत होती है. उनकी तड़का दाल और बटर रोटी में भी यही घटिया मार्जरीन होती है. आगे विडियो में इसके बनने के तरीके को दिखाया गया है.

इस विडियो में देखिए पाम तेल की हकीकत >>

लोगों को बेवकूफ बनाने के लिए इसे जीरो कैलेस्ट्रोल का खिताब भी हासिल है. क्योंकि मेडिकल लॉबी ने लोगों के दिमाग में ठूंस दिया है कि बैड कोलेस्ट्रॉल ह्रदय घात का प्रमुख कारण है. इसीलिये आजकल जिस भी चीज पर जीरो कोलेस्ट्रॉल लिखा होता है जनता उसे तुरंत खरीद लेती है. इस प्रकार के उत्पाद जो किसी असली चीज का भ्रम देते हैं उनपर सरकार को कोई ठोस नियम बनाना चाहिए.

सरकार को चाहिये इस #मार्जरीन का रंग डेयरी बटर के रंग सफ़ेद और हल्के पीले के स्थान पर भूरा आदि करने का नियम बनाये जिससे लोगों को इस उत्पाद को पहचानने में सुविधा हो ताकि उन्हें मक्खन के नाम पर कोई मार्जरीन ना खिला सके…

इस पाम तेल के दो दुष्परिणाम है –

1. जो जो किसान सरसों, नारियेल, तिल पैदा कटे थे उनको नुकसान क्योंकि उनको अपने तेल का भाव नहीं मिलता।
2. जो पाम तेल खएगा उसको हार्ट अटैक जरुर होगा, क्योंकि पाम तेल मे सबसे जादा ट्रान्स फैट्स है और ट्रान्स फैट्स कभी भी शरीर मे विघटित नहीं होते, किसी भी तापमान पर विघटित नहीं होते और फैट्स जमते जमते जरुरत से जादा हो जाता है तो हृदयघात आता है और आदमी मर जाता है, ब्रेन हेमारेज होता है और आदमी को पक्षाघात होता है, हाइपर टेनशॉन आता है, बिपि होता है । तेल का बाज़ार अब पूरी तरह से विदेशियों के कब्ज़े मे चला गया है।

इस विडियो में देखिए कैसे बनाया जाता है ये मक्खन >>

दोस्तों अब आप सोच रहे होंगे कि कौन सा मक्खन खाना चाहिए. दोस्तों जितने भी खिलाडी है जो भारत के लिए मेडल जीतकर लाते है. वो कभी ये मक्खन नहीं खाते, वो सफ़ेद मक्खन खाते है जो आप घर में दही को मथकर निकालते है. जोकि नीचे फोटो में दिखाया गया है.