बिना एक्सरसाइज के भी आप अपना आधा वजन कम कर सकते हैं

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आज की व्यस्त जीवनशैली, तनाव और खानपान को लेकर लापरवाही मोटापे का कारण बनता जा रहा है, जो वजन बढ़ने के कारणों में सबसे अहम है। इन दिनों यह एक आम समस्या बनती जा रही हैं। भारत में ही लगभग हर घर में कोई ना कोई इस बीमारी से ग्रस्त हैं। कई बार अधिक वजन आपको शर्मिंदा भी कर सकता हैं। केवल इतना ही नही मोटापा, आपको कई अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं की ओर भी ले जाता हैं। यह तो स्पष्ट है कि मोटापा किसी भी तरीके से मददगार नही है बल्कि हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है

मोटापे के कारण

वात बढ़ाने वाले भोजन जैसे कि अधिक सूखे, मसालेदार, और तेलीय खाद्य पदार्थ आदि का सेवन करना, कफ बढ़ाने वाले भोजन जैसे कि शुगर युक्त भोजन का अधिक सेवन करने से भी मोटापे में वृद्धि होती है शारीरिक बल युक्त कार्य न करने से भी मोटापा आता है क्योंकि शारीरिक कार्य न करने से व्यक्ति अपनी अत्यधिक कैलोरी बर्न नही कर पाता, पर्याप्त और सही समय अनुसार नींद न लेना भी मोटापे का कारण है अधिक समय तक शरीर में कोई रोग रहना या लम्बे समय तक द्वइयो का सेवन करना भी मोटापे का कारण है अगर आप पानी गटक कर भी पीतें है तो शरीर में मोटापे के साथ और अन्य बीमारियाँ भी आती है कुछ लोगों में यह समस्या अनुवांशिक(जेनेटिक) भी होती है

मोटापा दूर करने के उपाय

हल्की-फुल्की एक्सरसाइज करना,अधिक ठन्डे और मीठे भोजन का सेवन न करें, तेलीय और मसालेदार भोजन से दूर रहे, सुबह उठते ही उषापान करें, जरुरत अनुसार खाना खाएं और सबसे जरुरी समय पर और पूरी नींद लें कम से कम 8-9 घंटे की नींद जरुर ले, राजीव जी द्वारा बताये गए तरीके से पानी पीयें

राजीव जी द्वारा बताया गया नियम

1- जिनको भी मोटापा दूर करना उन्हें क्षारीय चीजें ज्यादा खानी चाहिए जैसे कि गाजर, अगर गाजर नही खा सकते तो दुदी का उपयोग करें, गाजर को कदुकस करके उसके छल्ले बना लीजिये फिर सेब को कदुकस करके उनके छल्ले बना कर गाजर के छल्लों के साथ मिक्स कर लें और फिर हर रोज सुबह पेट भरकर खाएं ऐसा लगातार 3 महीने तक करें फिर अगले 3 महीने हर रोज सुबह 2-3 आंवले खाएं और फिर अगले 3 महीने वोहि गाजर और सेब के छल्ले फिर 3 महीने आंवला, इस तरह एक साल के भीतर आपका वजन एक तिहाई से आधा वजन तक कम कर सकते हैं

2- हमें खाने के डेढ़ घंटे बाद पानी पीना है, ये याद रखे कि डेढ़ घंटे बाद ही पानी पीना है. लेकिन पानी कैसे पीना है, ये बहुत महत्व की बात है. आप अभी सामान्य रूप से पानी कैसे पीते है, एक गिलास पानी भरा मुह में लगाया गट गट गट एक बार में ही पी लिया, गिलास एक बार में ही ख़त्म. कुछ लोग मुंह खोल लेते है, और खोलकर ऊपर से गिराते है. और पानी लगातार गटकते जाते है ये दोनों तरीके बहुत गलत है.

तो आपके मन में सवाल आ रहा होगा कि पानी कैसे पीना है. तो हम आपको भाई राजीव दीक्षित जी द्वारा बताया गया तरीका बताते है. जो पानी पिने का सबसे उत्तम नियम है. आयुर्वेद में पानी पीने का सही तरीका वही बताया गया है जैसे आप चाय पीते है जैसे आप कॉफ़ी पीते है और जैसे आप गर्म दूध पीते है. सिप-सिप करके पीना है. एक सिप लिया फिर थोड़ी देर बाद दूसरा सिप लिया फिर थोड़ी देर बाद तीसरा सिप लेना है. अगर आप सिप करके पानी पी रहे है तो मैं आपको जितने चाहे मर्जी के स्टाम्प पेपर पे लिखकर देने को तैयार हु कि जो भी व्यक्ति जिंदगी में सिप करके पानी पिएगा, आयुर्वेद की गारंटी है कि जिंदगी में कभी भी उसको मोटापा नही आ सकता. कभी भी उस व्यक्ति का वजन नही बढ़ेगा. जितना वजन होना चाहिए, अगर पानी सिप करके पी रहे है तो जिंदगी भर उतना ही वजन रहेगा.

आप सिप करके पानी पी लीजिये 6 से 7 महीने में 10 किलो वजन आपका घट जायगा. ये जो मोटापा है, ये धीरे धीरे आया है, एक दम नहीं आया है. इसलिए धीरे धीरे ही कम होगा. यही प्रकृति का नियम है. अगर आप इसके विपरीत जाकर वजन कम करेंगे तो एक बार तो कम हो जायेगा लेकिन जैसे ही आप उस चीज को छोड़ दोगे पहले से भी ज्यादा मोटापा आ जाएगा.

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