नहीं थे दोनों पैर, माँ बाप ने छोड़ा ! आज इनकी सफलता को पूरा विश्व सलाम करता है

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हम अपने जीवन में छोटी-मोटी काठिनाइयों से घबरा जाते हैं। कोई अपने काम से खुश नहीं है, कोई अपने रंग-रूप से खुश नहीं है। पर आपने कभी सोचा है कि जब भगवान ही किसी को शारीरिक रूप से अक्षम बनाया हो तो उनके लिए जीवन कितना कठिन होता होगा। समाज में शारीरिक रूप से अक्षम या दिव्यांग लोगों को एक अलग ही नज़रिये से देखा जाता है। कहीं न कहीं एक साधारण व्यक्ति के मन में ऐसे लोगों के प्रति नकारात्मक भावना होती है।

और इसी नकारात्मक सोच के कारण ऐसे दिव्यांगों के मन में एक कुंठा का भाव पैदा हो जाता है। पर ऐसा कदापि नहीं है कि शारीरिक रूप से अक्षम व्यक्ति में प्रतिभा की कोई कमी होती है। बल्कि उनकी प्रतिभा और एकाग्रता तो एक साधारण व्यक्ति की तुलना में कई ज्यादा होती हैं। बस शारीरिक और सामाजिक दबाव के कारण उनके लिये कठिनाइयाँ साधारण व्यक्ति के मुकाबले दोगुनी हो जाती है।

आज हम एक ऐसी युवती की बात करनें जा रहे हैं जिसनें इन सभी विपरीत परिस्थितियों का डट कर सामना किया और दोनों पैर ना होने के वाबजूद खुद को एक टॉप मॉडल के रूप में स्थापित किया है।

इनका नाम है कान्या सेसर। 23 साल की कान्या लॉस एंजलेस की रहने वाली हैं। कान्या सेसर पेशे से एक लॉन्जरी मॉडल है और मॉडलिंग के क्षेत्र में उनका बहुत नाम हैं। पर मुख्य बात यह है कि इस टॉप लॉन्जरी मॉडल के दोनों पैर नहीं हैं। आप शायद चौंक गए होंगे कि बिना पैरों की कोई मॉडल कैसे हो सकती है, लेकिन यह बिल्कुल सच है। जन्म के समय से ही कान्या के दोनों पैर नहीं थे, कान्या ने थालैंड के एक बैद्ध मंदिर की सीड़ियों पर रह कर अपनी जिंदगी शुरू की थी। लोग उन्हें अपंग बोलते थे क्योंकि वह चल नहीं सकती थीं। वाबजूद इसके उनमें आत्मविश्वास में कोई कमी नहीं थी। इसी आत्मविश्वास के बल पर कान्या सेसर ने एक ऊंचा मुकाम हासिल किया है।

कान्या के असली माता-पिता नें उसे अपाहिज समझ कर थाईलैंड के एक बौद्ध मंदिर में छोड़ दिया था। जहां बौद्ध भिक्षुओं ने उसकी परवरिश की। उस समय उसकी उम्र बहुत छोटी थी। दोनों पैर ना होने के कारण ज्यादातर परिवार उसे गोद नहीं लेते थे। पर एक दिन एक दंपत्ति उसके लिए फरिस्ता बनकर आया। जब वो पांच साल की थी तो 56 वर्षीय जेन सेसर और 57 वर्षीय देव सेसर ने उसे गोद ले लिया और अपना नाम दिया।

उन्होंने इंटरनेशनल एडॉप्शन मैगजीन में उसकी तस्वीर देखी थी।  कान्या अपने नए परिवार वाले के साथ ओरेगन के पोर्टलैंड चली आई। तभी से उनका नाम कान्या सेसर हो गया। उन्होंने कन्या को बड़े प्यार से पाला और हर संभव सुविधा दी। कुछ बड़े होने पर उन्होंने कान्या को व्हीलचेयर पर बैठना और चलना भी सिखाया। लेकिन कन्या को तो खुद के दम पर कुछ हासिल करना था, वह नहीं चाहती थी कि लोग बस उसे सहानिभूति के नज़रों से देखें।

बचपन मे ही कान्या को स्केटिंग में बहुत रुचि होने लगी। महज़ 9 साल की उम्र में ही उन्होंने स्केट बोर्ड सीखने का फैसला लिया और एक स्केटबोर्डिंग के इंस्टिट्यूट में दाखिला भी लिया। अपनी कड़ी मेहनत और लगन के बदौलत कुछ ही महीनों में वह स्केटिंग की माहिर हो गयीं। वह कहीं आने-जाने के लिए व्हीलचेयर के जगह स्टेकबोर्ड का ही इस्तेमाल करतीं हैं। वे स्केटिंग के साथ भिन्न-भिन्न तरह के करतब भी करती हैं।

लोग उनके स्केटिंग के इस हुनर हो देख दंग रह जाते हैं। कान्या को स्पोर्ट्स में भी बहुत रुचि है। वह बास्केटबाल खेल लेती है और स्किंग भी कर लेती है। कान्या को उम्मीद है कि वह पैरालिम्पिक्स खेलों में भाग ले चुकी हैं। 2011 में 100 और 200 मीटर रेस में तीसरी सबसे तेज धावक थी। पैरालिम्पिक्स में 100, 200 और 400 मीटर के लिए ट्राई किया था लेकिन नाकाम रही।

कान्या से एक स्पोर्ट्स फोटोग्राफर और एजेंट ने संपर्क किया था और उन्हें फोटोशूट करवाने को कहा था। जिसके बाद कान्या ने 15 साल की उम्र में अपना पहला फोटोशूट करवाया था। उन्होंने तस्वीर खिंचवाईं और जिसके बाद उन्हें काफी प्रशंसा मिली। इसके एक साल बाद उन्होंने अपना लॉन्जरी शूट किया, जिसके बाद उन्हें लॉन्जरी की मॉडलिंग के लिए बड़े बड़े ब्रांड से ऑफर मिलने लगे।

कान्या लॉन्जरी फोटोशूट से एक दिन में 1,000 डॉलर चार्ज करती हैं। आज कान्या दुनिया भर के टॉप लॉन्जरी ब्रांड्स के साथ काम कर चुकी हैं। वे एक मॉडल के साथ-साथ स्केट, मोटिवेशनल स्पीकर और एथलीट भी हैं। कान्या अपने जीवन पर एक किताब भी लिख रही है जो प्रकाशित होने वाली है।