इन 4 जगह घर वालों के साथ जरुर जाएँ घुमने ! यहाँ अध्यात्म भी है और मस्ती भी !

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आप अपने परिवार को एक साथ कहीं घुमाने ले जाना चाहते हैं, सबसे पहले तो इस बात पर मैं आपको बधाई देना चाहूँगा. समय बदल गया है. पुरानी पीढ़ी के पास नई पीढ़ी से जुड़ने के लिए कोई विषय बचा नहीं है और नई पीढ़ी को पुरानी बातों में कोई दिलचस्पी रह नहीं गई है.

इस अजीब सी स्थिति में आपस में प्यार बनाए रहने के लिए साथ घूमना एक बढ़िया तरीका है। अगर आप एक साथ घूमने जाते हैं तो आपको तीन फ़ायदे तो मैं ऐसे ही गिना सकता हूँ :

  1. एक दूसरे से जुड़ने का मौका मिलता है, आपसी संबंधों में सुधार होता है.
  2. जीवन भर के लिए मीठी यादें और दिलचस्प कहानियाँ मिलती है
  3. अगर परिवार में कोई नया सदस्य शामिल हुआ है तो साथ घूमने से उसके लिए सभी को जानना और परिवार में घुलना काफ़ी आसान हो जाता है.

परिवार में सभी को एक साथ घुमाने ले जाना कोई आसान बात नहीं है. घूमने के मामले में कुनबे के बच्चों से लेकर उम्रदराज़ लोगों तक सभी की अपनी अलग पसंद होती है. ऐसे में घूमने जाने के लिए किसी एक जगह को चुन पाना कई बार चक्कर में डाल सकता है.

मगर अब नहीं. आपके लिए लेकर आया हूँ ऐसी ख़ास चुनिंदा जगहें, जहाँ मस्ती भी होगी और आध्यात्म भी. तो चलिए शुरू करते हैं :

पुष्‍कर

राजस्थान में अगर आपको कहीं देशी और विदेशी सभ्यता का मिलन देखने को मिलेगा तो वो पुष्कर में मिलेगा. पहाड़ियों से घिरे इस अध्यात्मिक शहर की हवा में ही कुछ ऐसी बात है कि मीलों दूर से विदेशी सैलानी यहाँ सिर्फ घूमने ही नहीं आते, बल्कि कई तो बस भी जाते हैं.

पुष्कर को तीर्थराज भी कहा जाता है. यहाँ सुबह की शुरुआत भारत के एकमात्र ब्रह्मा मंदिर के मंत्रोच्चारण से होती है, तो वराह घाट पर होने वाली मशहूर आरती के साथ शाम को अलविदा किया जाता है. अगर आप मंदिरों में दिलचस्पी रखते हैं तो यहाँ 500 मंदिर बने हैं. लेकिन अगर ख़ास मंदिरों में जाना है तो ब्रह्मा मंदिर के अलावा पास ही के रत्नागिरी पर्वत पर सावित्री मंदिर में भी दर्शन करने जा सकते हैं. जिन्हें मंदिर में दर्शन करना है वो दर्शन कर लें और जिन्हें कुदरत के नज़ारे देखने का शौक हैं वो पहाड़ पर हाइकिंग के लिए भी जा सकते हैं.

अगर आप भारतीय हैं तो जानकार हैरान हो जाएँगे कि पुष्कर में एक ऐसा मंदिर भी है जहाँ अँग्रेज़ों को अंदर भी नहीं घुसने दिया जाता. इस मंदिर का नाम है रंग जी का मंदिर. पुष्कर सर्राफा बाजार से खरीदारी करने से फुरसत मिले तो पास ही में बने इस मंदिर में जाकर यहाँ की कहानी भी पता कर आना. काफ़ी दिलचस्प है.

आकर्षण : कालाबेलिया नाच, हॉट एयर बलून राइड, इज़राइली कैफ़े, ब्रह्मा मंदिर

ऋषिकेश

योग और आध्यात्म के लिए पुरी दुनिया में मशहूर ऋषिकेश को कौन नहीं जानता. वीकेंड की छुट्टियाँ हो या कुछ समय शहर की भीड़ से दूर बिताना हो, आस-पास के राज्यों जैसे दिल्ली, पंजाब, राजस्थान से लोग अपनी गाड़ियाँ उठाकर गंगा किनारे बसे इस कस्बे में पहुँच जाते हैं.

अगर आपके परिवार में रोमांच के शौकीन लोग है तो उन्हें रिवर राफ्टिंग, बंजी जम्पिंग, फ्लाइयिंग फॉक्स, क्लिफ डाईविंग जैसे रोमांचक खेलों से ही फ़ुर्सत नहीं मिलेगी. ऋषिकेश में यहाँ पेशेवर लोग सुरक्षा के पूरे इंतज़ाम के साथ राफ्टिंग करवाते हैं, इसलिए बेवजह डरने की कोई ज़रूरत नहीं हैं.

अध्यात्म में रूचि रखने वालों को यहाँ बने ध्यान और योग केंद्रों में काफ़ी शांति मिलेगी. गंगा किनारे त्रिवेणी घाट पर डुबकी लगाकर शाम की महा आरती देखने का भी अलग ही सुख है. यहाँ ठहरने के लिए बढ़िया से बढ़िया होटलों से लेकर वाजिब दामों में तंबुओं तक सब कुछ मिलता है.

आकर्षण : योग, ध्यान, वाटर स्पोर्ट्स, राफ्टिंग, लक्ष्मण झूला, कैंपिंग

हम्पी

किसी ज़माने में हम्पी भारत के सबसे अमीर साम्राज्य विजयनगर का एक गाँव हुआ करता था. परिवार के लिए घूमने लायक जगहों की नज़र से देखा जाए तो हम्पी आपको बहुत पसंद आएगा, क्योंकि ये बड़ी शांत जगह है.

तुन्गभद्रा नदी के किनारे बसे हम्पी में आपको दूर-दूर तक चट्टानें और पहाड़ियाँ दिखाई देंगी, तो अगर परिवार में किसी को रॉक क्लाइंबिंग का शौक है तो वो यहाँ पूरा किया जा सकता है. नदी के दूसरे किनारे जाएँगे तो आप अनेगुंडी नाम की हिप्पियों की बस्ती में पहुँच जाएँगे. पास ही की सनापुर झील में कोरेकल नाव में बैठ कर सभी परिवारजनों के साथ सैर की जा सकती है.

परिवार के जिन लोगों को मंदिरों, ऐतिहासिक जगहों और पौराणिक कहानियों में दिलचस्पी है उनके लिए मौज है. यहाँ का 50 मीटर ऊँचा विरूपाक्ष मंदिर काफ़ी मशहूर है. शाम को परिवारजनों के साथ मतन्गा हिल पर पहुँच जाएँ, जहाँ से डूबते सूरज का नज़ारा सभी के दिल को छू जाएगा.

आकर्षण : मंदिरों के अवशेष, हाथियों का तबेला, क्लिफ जम्पिंग, रॉक क्लाइंबिंग

महाबळेश्वर

मुंबई से करीब 260 कि.मी. दूर सहयाद्री पर्वतों की हरियाली के बीच महाबलेश्वर बसा हुआ है. स्ट्रॉबेरी के बागानों के लिए मशहूर महाबलेश्वर में अगर रोमांच और मौज-मस्ती करनी है तो लिंगमाला झरने तक ट्रेकिंग करके जा सकते हैं. झरने को बहते देखना है तो मानसून के मौसम में जाएँ. साथ में कुछ खाने का भी ले जाएँगे तो परिवार वालों के लिए पिकनिक सी हो जाएगी.

यहाँ से 25 कि.मी. दूर वादियों से घिरा प्रतापगढ़ का किला है जो किसी ज़माने में मराठा साम्राज्य का ख़ास गढ़ हुआ करता था. 5 कि.मी. दूर राजापुरी की रहस्यमयी गुफ़ाएँ हैं जिनमें में भगवान कार्तिकेय का मंदिर भी है. तो रोमांच के साथ में अध्यात्म मिल जाएगा. शाम को सभी विल्सन पॉइंट पहुँच जाइए, जहाँ से डूबते सूरज के साथ नारंगी आसमान को कैमरे में क़ैद कर सकते हैं.

आकर्षण : वेना झील पर शिकारा की सवारी, प्रतापगढ़ किला, महाबलेश्वर शिव मंदिर, राजापुरी की गुफ़ाएँ, वैलिन्ग्तन पॉइंट, कनॉट पीक

तो कैसा लगा इन चार ख़ास जगहों के बारे में जानकर, जहाँ आप निश्चिंत होकर परिवार के साथ आराम से छुट्टी मना सकते हैं. अगर आप इनमें से किसी जगह घूम कर आ चुके हैं तो नीचे कमेंट्स सेक्शन में लिख कर अपनी कहानी बताएँ.

Source : Tripoto