रेवाड़ी के बाद यह शहर भी दे सकता है चाइना को 100 करोड़ का झटका

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भारत की ओर से पीओके में किए गए सर्जिकल स्ट्राइक के बाद भारत-पाक के रिश्तों में तनाव चरम पर है। इस बीच चीन द्वारा ब्रह्मपुत्र नदी पर बांध बनाकर पानी रोकने की धमकी के बाद देश में चीन का विरोध होना शुरू हो गया है। सोशल मीडिया में भी लोग चाइनीज सामान का बहिष्कार करने की अपील कर रहे है। पाकिस्तान सीमा पर भारत की सर्जिकल स्ट्राइक और सिंध नदी का पानी रोकने की चर्चा के बाद चीन ने ब्रह्मपुत्र नदी की सहायक नदी का पानी भारत आने से रोका, तो पूरे देश में चीन को लेकर आक्रोश फैल गया।

आक्रोश के बीच चाइनीज उत्पाद का बहिष्कार कर श्रीगंगानगर शहर भी चीन की अर्थव्यवस्था को झटका दे सकता है। भारत ने इस ओर कदम उठाते हुए बंदरगाहों पर चाइनीज उत्पादों के कनटेनर रोक भी दिए हैं। त्योहारी सीजन में शहर में बड़े पैमाने पर चीन की सामग्री बाजार में आ गई है। एेसे में बाजार के सूत्र बताते हैं कि अपने शहर में ही 100 करोड़ का कारोबार हो सकता है। शहरवासियों के चाइनीज आइटम का बहिष्कार किया तो बड़ा झटका होगा। 

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चाइनीज सामान के बहिष्कार का निर्णय

बी ब्लॉक मार्केट एसोसिएशन की बैठक एक होटल में हुई। इसमें मार्केट दुकानदारों ने चाइनीज सामान के बहिष्कार का निर्णय लिया। एसोसिएशन के प्रवक्ता करण कौशिक ने बताया कि बैठक में मार्केट में दुकानदार हरदेवसिंह चावला, किशन ज्याणी, पदम कौशिक, प्रेम कौशिक, सुरेंद्र शर्मा, रमेश कुमार, जसकरणसिंह, अमरजीतसिंह, अरविंद गिरघर, उमेश अग्रवाल, विनोद शर्मा आदि ने चाइनाज सामान के बहिष्कार का निर्णय लिया। दीपावली एवं भविष्य में किसी प्रकार का चाइनाज सामान नहीं खरीदने का संकल्प लिया।  

चाइनीज सामग्री की गुणवत्ता नहीं

जानकारों के अनुसार चाइना के उत्पाद शहर की अधिकतर दुकानों में है। इनमें कपड़ा, कंप्यूटर उत्पाद, इलेक्ट्रोनिक एवं इलेक्ट्रिकल्स पार्टस, मोबाइल फोन एसेसरीज एवं क्रॉकरी भी शामिल हैं। चाइनीज सामग्री की गुणवत्ता नहीं होती। इसकी कोई गारंटी और वारंटी भी नहीं दी जाती। कई बार ग्राहक यह सामग्री खरीदकर घाटे में आ जाते हैं। जबकि ब्रॉडगेज प्राडॅक्ट चाइनीज वस्तुओं से काफी बेहतर है। उनकी लाइफ भी ज्यादा होती है। 

दीपावली पर होता है करोड़ों का कारोबार

वैसे तो सालभर चीन में बनी वस्तुओं की बिक्री होती है, लेकिन दीपावली पर इजाफा हो जाता है। सजावटी वस्तुएं, लाइट, ज्वैलरी, कपड़ों का मार्किट ऊपर हो जाता है। इसे ध्यान में रखते हुए चीनी कंपनियों ने अपना माल खपाने की तैयारी की है। चीन की हरकत के बाद सोशल मीडिया में भी विरोध के स्वर उग्र हो रहे हैं। लोग चाइना की सामग्री की खरीद नहीं करने का संकल्प ले रहे हैं।

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